120 स्कूली बच्चों ने सीखा प्रकृति का महत्वः समर्धा वन क्षेत्र में जल, जंगल और जमीन की जानकारी, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प


भोपाल , राजधानी में अनुभूति 2025 कार्यक्रम के तहत एक अनूठी पहल की गई, जहां 120 स्कूली छात्रों को समर्धा वन परिक्षेत्र में प्रकृति से रूबरू कराया गया। शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने जल, जंगल और जमीन की प्राकृतिक संरचना को करीब से देखा और समझा।एसडीओ धीरज सिंह चौहान ने कार्यक्रम के महत्व को समझाते हुए कहा कि आधुनिक युग में बच्चे प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब तक बच्चे प्रकृति को समझेंगे नहीं, तब तक वे इसकी रक्षा के लिए प्रेरित नहीं होंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को न केवल पर्यावरण की जानकारी देना था, बल्कि उन्हें इससे जुड़ी चुनौतियों से भी अवगत कराना था।समर्धा रेंज के रेंजर शिवपाल पिपर्दे ने बच्चों को प्रकृति के महत्व और उससे मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया। विशेष प्रशिक्षकों द्वारा बच्चों को यह भी समझाया गया कि कैसे आधुनिकता ने हमारे जीवन में पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं पैदा की हैं और इनसे निपटने के लिए क्या किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।



