पुष्टिमार्गीय सभी हवेलियों में रथयात्रा 7 जुलाई को मनाई गई


07जून 2023 रथयात्रा महोत्सव
पुष्टिमार्ग में रथ यात्रा पुष्य नक्षत्र के सहयोग के साथ होती है इसलिए पुष्टिमार्गीय सभी हवेलियों में रथयात्रा 07 जुलाई को मनाई गई
आज प्रभु श्रीनाथजी को चंदन आंवला इत्र तेल से स्नान कराया गया फिर श्वेत वस्त्र पहनाए गए फिर प्रभु को मोती माणिक पन्ने से बने आभूषण पहनाए गए. फिर मध्यान्ह 12:00 बजे 124 वर्ष पुराने रथ का आदिवासन(पूजन) किया गया फिर प्रभु को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ में विराजमान किया गया इस रथ में 16 खंबे और 8 पहिए हैं इसका ऊपरी हिस्सा चांदी का बनाया गया है और रथ को मंदिर के अंदर प्रांगण में ही प्रभु का विराजमान करके चलाया जाता है फिर प्रभु के चार दर्शन हुए लगभग 3:00 बजे प्रभु श्री नाथ जी की आरती एवं परिक्रमा की गई और उसके बाद ही कीर्तन गाया जाता है “रथ देखना को आई यशोदा रानी” आज प्रभु श्रीनाथजी को सामग्री विशेष तरह की भोग लगाई जाती है जिसमें विशेष तौर पर बिजी चिरौंजी के लड्डू खोपरे की बर्फी मोहनथाल मठरी मूंग नारियल और पान
महाप्रभु वल्लभाचार्य पुष्टिमार्ग में वैज्ञानिक कारणों का भी समावेश किया है इस ऋतु में बीजी और चिरंजी खाने से शरीर के अंदर आई हुए विकार दूर होते हैं और शरीर स्वस्थ रहता है इसी भाव से आज प्रभु को यह भोग लगाया जाता है.
वैष्णव जनों को खोपरा अंकुरित मूंग जामुन एवं पान की कतरन का प्रसाद वितरण किया गया.
मुखिया श्रीकांत शर्मा
श्री जी का मंदिर लखेरापूरा भोपाल



