ज्ञान-विज्ञान भारतीय परम्पराओं में समाहित है : प्रो सी सी त्रिपाठी


भोपाल 22 जुलाई.एन.आई.टी.टी.टी.आर भोपाल में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर रिसर्च स्कॉलर्स को संबोधित करते हुए निदेशक प्रो. सी.सी त्रिपाठी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व भारतीय संस्कृति और परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह पर्व हमारे सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं को जीवित रखने में सहायक है। भारतीय परंपराओं में ज्ञान और विज्ञान का समावेश अद्वितीय और गहन है, यह समावेश एक समग्र और संतुलित जीवन शैली को प्रोत्साहित करता है, जो आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रथाओं के साथ भी सामंजस्य बैठाता है। इस अवसर पर रिसर्च स्कॉलर्स की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा करते हुए प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि इनोवेशन के साथ-साथ बिजनेस स्ट्रेटजी भी आवश्यक है। हमारे संस्थान में रिसर्च करने वाले शोधकर्ताओं को संस्थान के नवीन संसाधन युक्त हाई-टेक एवं इंडस्ट्रीज की रिसर्च लैब्स में भी कार्य करने की सुविधा हमेशा उपलब्द्ध रहती है। रिसर्च स्कॉलर्स नई प्रोसेस एवं प्रोडक्ट इनोवेशन से रिलेटेड रिसर्च कार्य करे। उल्लेखनीय है कि निटर के निदेशक रिसर्च स्कॉलर्स व विद्यार्थियों के साथ नवाचार एवं रिसर्च प्रोग्रेस पर निरंतर चर्चा करते रहते है। निटर के डीन, स्कूल ऑफ साइंसेज प्रो. पी.के पुरोहित ने कहा कि गुरु पूर्णिमा न केवल शैक्षिक संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए भी प्रेरणा स्रोत है। यह दिन हमें एक बेहतर इंसान बनने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करता है। इस अवसर पर डॉ. दीपक सिंह, डॉ. हुसैन जीवाखान सहित फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्च स्कॉलर्स एवं स्टाफ मेंबर्स भी उपस्थित थे।



