रक्षाबंधन के महान पावन पर्व पर स्नेह सूत्र, रक्षा सूत्र, ईश्वरीय सूत्र, परिवर्तन सूत्र, पवित्रता सूत्र के साथ मनाए राखी का त्यौहार : बी.के. डॉ. रीना दीदी


*ब्रह्माकुमारीज़, ब्लेसिंग हाउस सेवाकेंद्र पर रक्षासूत्र बांधकर तनाव मुक्त एवं नशा मुक्त रहने की प्रतिज्ञा लेकर मनाया गया रक्षाबंधन का पवन पर्व: बी.के. डॉ. रीना दीदी*
*ब्रह्माकुमारीज़, ब्लेसिंग हाउस सेवाकेंद्र में मनाया गया रक्षाबंधन का पावन पर्व*
ब्रह्माकुमारीज़, ब्लेसिंग हाउस, भोपाल।ब्रह्माकुमारीज, ब्लेसिंग हाउस सेवाकेंद्र में रक्षाबंधन का महान पावन पर्व बड़े ही उमंग उत्साह के साथ मनाया गया। जिसमें बी.के. डॉ. रीना दीदी ने कहा कि राखी का पर्व सही मायने में विश्वास और समर्पण की भावना का त्योहार है।रक्षासूत्र बांधने का कार्यक्रम लगातार श्री कृष्ण जन्माष्टमी तक चलते रहेंगे, जिसके अंतर्गत समाज के हर वर्ग के भाई बहनों को रक्षासूत्र बांधकर ब्रह्माकुमारी बहने सभी को तनाव मुक्त, नशा मुक्त रहने की प्रतिज्ञा कराएंगी।
दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन अर्थात पवित्रता के संकल्प लेने का पर्व, रक्षाबंधन अर्थात नारी के प्रति सम्मान का पर्व, रक्षाबंधन अर्थात ईश्वरीय नियमों एवं मर्यादा के बंधन का महान पर्व है।
भोपाल में ब्रह्माकुमारीज संस्था के ब्लेसिंग हाउस सेवाकेंद्र पर दिव्य स्वमानों की राखियां तैयार की गई हैं। दीदी ने रक्षाबंधन का आध्यात्मिक रहस्य बताते हुए तिलक, रक्षासूत्र, मिठाई, नारियल के बारे में भी बताया। साथ ही दीदी ने नकारात्मक विचारों को पराजित करने के टिप्स भी दिए।
उपस्थित जन समूह को दिलखुश मिठाई खिलाकर सबका मुख मीठा कराया जिससे सबकी वाणी मीठी हो।
ब्रह्माकुमारीज़ ब्लेसिंग हाऊस सेवाकेंद्र प्रभारी बी.के. डॉ. रीना दीदी ने बताया कि विश्व के नव निर्माण में रक्षाबंधन पर्व के 5 सूत्रों का विशेष महत्व है।
1. *स्नेह सूत्र* – आत्मा को आत्मा से जोड़कर विश्व भातृत्व भाव बढ़ाने वाला यह स्नेह सूत्र है।
2. *रक्षा सूत्र*- तन, मन, धन, जन, मर्यादा, देश, समाज और संस्कृति की रक्षा का प्रेरक यह रक्षा सूत्र है।
3. *ईश्वरीय सूत्र* – ईश्वरीय ज्ञान गुण और शक्तियों और वरदानों की प्राप्ति कराने वाला यह सूत्र है।
4. *परिवर्तन सूत्र* – स्व का परिवर्तन कर विश्व परिवर्तन की ओर अग्रसर करने वाला यह परिवर्तन सूत्र है।
5. *पवित्रता सूत्र* – इसमें मन, वचन, कर्म, संबंध शरीर प्रकार की शुद्धि से भरे विश्व की ओर ले जाने वाला यह पवित्रता का सूत्र है। इन पांच सूत्रों से विश्व का नवनिर्माण होता है।
साथ साथ दीदी ने बताया कि
“मनभावन त्योहार है राखी, परमपिता का प्यार है राखी
पवित्रता का उपहार है राखी, श्रेष्ठाचार का आधार है राखी’
संबंधों में समर्पणता है राखी”।इस पावन पर्व पर भाई बहन को खर्ची के रूप में कुछ देता है। तो हम इस वर्ष अपनी सनातन संस्कृति को याद करते हुए अपने जीवन से नकारात्मक विचारों को दूर कर पॉजिटिव ऊर्जा अपने आस पास फैलाएं। साथ ही दिल से सबका सम्मान भी करें।



