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पाकिस्तान के खिलाफ किया आगाज, भारत से हार के बाद दक्षिण अफ्रीका को किया चित; ऐसा रहा कीवियों का सफर

ले कुछ समय से आईसीसी टूर्नामेंट्स में दबदबा बना रही न्यूजीलैंड की टीम 25 साल पुरानी यादों को एक बार फिर ताजा करना चाहेगी। न्यूजीलैंड ने 2000 में आईसीसी नॉकआउट टूर्नामेंट (अब चैंपियंस ट्रॉफी) के फाइनल में भारत को हराया था और अब फिर दोनों टीमें खिताबी मैच में आमने-सामने होंगी। न्यूजीलैंड का सफर इस चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार रहा था। टीम ने पाकिस्तान को हराकर अभियान की शुरुआत की और अब उसका सामना अजेय चल रही भारतीय टीम से है। आइए जानते हैं न्यूजीलैंड का चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में सफर कैसा रहा…बल्लेबाजों के बाद गेंदबाजों के बेहतर प्रदर्शन से न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी के पहले मुकाबले में 60 रनों से हराकर जीत से शुरुआत की थी। न्यूजीलैंड ने टॉम लाथम और विल यंग के शतकों से 50 ओवर में पांच विकेट पर 320 रन बनाए थे। जवाब में गत चैंपियन पाकिस्तान की पूरी टीम 47.2 ओवर में 260 रन पर ऑलआउट हो गई थी। पाकिस्तान के लिए खुशदिल शाह और बाबर आजम ने अर्धशतक जड़े, लेकिन यह टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं रहे।  न्यूजीलैंड ने विल यंग और टॉम लाथम के शतक तथा ग्लेन फिलिप्स के अर्धशतक की मदद से पाकिस्तान के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। यंग ने लाथम के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी निभाई जिससे न्यूजीलैंड की पारी संभली। यंग 113 गेंदों पर 12 चौकों और एक छक्के की मदद से 107 रन बनाकर आउट हुए, जबकि टॉम लाथम 104 गेंदों पर 10 चौके और तीन छक्के के दम पर 118 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। फिलिप्स भी पचासा लगाने में सफल रहे और 39 गेंदों पर तीन चौकों और चार छक्कों की मदद से 61 रन बनाकर आउट हुए थे।

रचिन रवींद्र के शतक और कप्तान टॉम लाथम के अर्धशतक से न्यूजीलैंड ने बांग्लादेश को पांच विकेट से हराया था। कीवी टीम ने इस तरह एक तीर से दो निशाने साधे थे क्योंकि न्यूजीलैंड की जीत के साथ ही ग्रुप ए से गत चैंपियन पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों का सफर टूर्नामेंट में ग्रुप चरण में ही आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया था। इस ग्रुप से भारत और न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली थी। बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में नौ विकेट पर 236 रन बनाए। जवाब में न्यूजीलैंड ने 46.1 ओवर में पांच विकेट पर 240 रन बनाकर मैच जीत लिया था। न्यूजीलैंड की इस टूर्नामेंट में यह लगातार दूसरी जीत थी। टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेलने वाले रचिन ने लाथम के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 129 रनों की साझेदारी की था। यह न्यूजीलैंड के लिए चैंपियंस ट्रॉफी में चौथी सर्वश्रेष्ठ साझेदारी थी। रचिन और लाथम ने न्यूजीलैंड को मुश्किल से उबारा और जीत की नींव रखी थी।

भारत ने दिया था झटका
स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के दमदार प्रदर्शन से भारत ने ग्रुप ए के अंतिम मुकाबले में न्यूजीलैंड को 44 रनों से हराया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रेयस अय्यर की अर्धशतकीय पारी के दम पर 50 ओवर में नौ विकेट पर 249 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए केन विलियमसन ने 81 रन बनाए, लेकिन न्यूजीलैंड की टीम 45.3 ओवर में 205 रन पर ऑलआउट हो गई थी। न्यूजीलैंड की ओर से विलियमसन के अलावा कोई बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका था। कीवी टीम के लिए कप्तान मिचेल सैंटनर ने 28 रन, टॉम लाथम ने 14, डेरिल मिचेल ने 17, विल यंग ने 22, रचिन रवींद्र ने 6, ग्लेन फिलिप्स ने 12 और मैट हेनरी ने दो रन बनाए थे, जबकि काइल जैमिसन नौ रन बनाकर नाबाद लौटे थे।

सेमीफाइनल में रचिन-विलियमसन ने दिखाया था दम
न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 50 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड ने रचिन रवींद्र और केन विलियमसन की शतकीय पारियों की बदौलत 50 ओवर में छह विकेट खोकर 362 रन बनाए थे। यह चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास का सबसे बड़ा टोटल था। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम को पीछे छोड़ा था जिन्होने इसी टूर्नामेंट में इंग्लैंड के खिलाफ सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करते हुए पांच विकेट पर 356 रन बनाए थे। जवाब में दक्षिण अफ्रीका निर्धारित ओवर में नौ विकेट खोकर 312 रन बना सकी थी और उसका सफर समाप्त हो गया था। रचिन और विलियमसन ने शानदार साझेदारी की और दूसरे विकेट के लिए 164 रन जोड़े थे। रचिन ने इस दौरान अपने वनडे करियर का पांचवां शतक भी जड़ा था। रचिन शतक लगाकर आउट हुए थे। उन्होंने 101 गेंदों पर 13 चौकों और एक छक्के की मदद से 108 रन बनाए थे। इसके बाद विलियमसन ने भी पारी आगे बढ़ाई और वनडे करियर का 15वां शतक लगाने में सफल रहे थे। विलियमसन 94 गेंदों पर 10 चौके और दो छक्कों की मदद से 102 रन बनाकर आउट हुए थे।

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