117 साल पुराने प्राचीन छोला दशहरा मैदान पर हो रहे अवैध कब्जे के विरोध में मनोज शुक्ला ने की आयुक्त नगर निगम से चर्चा

शुक्ला ने अधीक्षक यंत्री प्रमोद मालवीय पर लगाया भाजपा एजेंट के रूप में कार्य करने का आरोप
भोपाल। लगभग 117 वर्षों से हिन्दू धर्म की आस्था का प्रतीक व हिन्दू धार्मिक त्योहार दशहरा छोला स्थित दशेहरा मैदान पर ही मनाये जाते रहे हैं! छोला दशेहरा मैदान हिन्दू धार्मिक त्योहारों की एक ऐतिहासिक पहचान है! इस पहचान को गुपचुप तरीके से विकास का नाम देकर कब्जा कर के पक्की दुकानों का निर्माण भी किया जा रहा है! इसके विरोध में कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला अपने साथियों सहित आज आयुक्त नगर निगम कार्यालय पहुंचकर आयुक्त नगर निगम से मिलकर चर्चा की, शुक्ला ने कहा की इसका क्षेत्रफल 9 एकड़ 95 डेसिमल है। इसका लैंड यूज रिकेशनल (मनोरंजन) है। भाजपा सरकार के प्रभावशाली लोगों द्वारा इस पर बिना पीडब्ल्यूडी टेंडर के बाउंड्री वॉल तोड़कर 80 फीट चैड़ी सड़क चारों तरफ बनवा दी गई है और साथ ही मैदान परिसर में अवैध 14 दुकानें भी बनवाई जा रही हैं। इस संदर्भ में, कुछ दिनों पूर्व स्थानीय लोगों के साथ कलेक्टर भोपाल से मिलकर चर्चा की जिससे कलेक्टर भोपाल ने संज्ञान में लेते हुए वहाँ चल रहे कार्य को तुरंत रुकवाया परंतु वहाँ आज भी गुपचुप तरीके से कार्य को किया जा रहा है। शुक्ला ने आरोप लगाया की अधीक्षक यंत्री प्रमोद मालवीय द्वारा भाजपा के एजेंट के रूप में कार्य को गुपचुप रूप से किया जा रहा है।
चूँकि यह ऐतिहासिक छोला दशेहरा मैदान हिन्दू धर्म की प्राचीन धरोहर है व ऐसी धरोहरों का संरक्षण करना शाशन प्रशासन का कर्तव्य है! आपसे अनुरोध है की इस प्राचीन धरोहर की पहचान को खत्म करने वालों को चिन्हित कर प्राचीन परंपरा को संरक्षण देकर शहर की हिन्दू संस्कृति की पहचान को बचाने की कृपा करें! आज भी इस मैदान पर अवैध निर्माण व अतिक्रमण बिना किसी डर के किया जा रहा है! आपसे निवेदन है की इस अवैध निर्माण व अतिक्रमण को हटाकर प्राचीन छोला दशहरा मैदान को पुराने स्वरुप में करने का तत्काल आदेश दें ।
इस अवसर पर महेश मेहरा, पूर्व पार्षद आशाराम शर्मा , सुरेश साहू, उल्लास सोनकर, मुकेश पंथी, विजेंद्र शुक्ला, अमित खत्री, दीपक दीवान, प्रिंस नवाँगे, संदीप सरवैया, दर्शन कोरी, आदि मौजूद थे!