ग्रोथ कॉन्क्लेव में सरकार और क्रेडाई ने मिलाया हाथ, शहरी विकास में तेज़ी लाने पर सहमति

क्रेडाई नेशनल टीम का एमपी ग्रोथ कॉन्क्लेव में भव्य स्वागत, रियल एस्टेट में नीति सुधार और शहरी विकास को लेकर की निर्णायक चर्चा
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आयोजित “MP Growth Conclave 2025 – Building Cities of Tomorrow” कार्यक्रम में आज रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण बना जब क्रेडाई नेशनल के शीर्ष पदाधिकारी विशेष आमंत्रण पर इंदौर पहुँचे। क्रेडाई मध्यप्रदेश द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। क्रेडाई नेशनल के प्रमुख पदाधिकारी — अध्यक्ष श्री शेखर पटेल, महासचिव श्री गौरव गुप्ता, उपाध्यक्षगण श्री धवल अजे़रा और श्री आशीष पटेल, एवं शहरी मामलों की समिति के अध्यक्ष श्री नीलम दोषी — ने इस दो दिवसीय आयोजन में भाग लिया।
साझा एजेंडा और नीति सुधारों पर गहन संवाद
पहले आयोजित क्रेडाई एमपी बोर्ड मीटिंग में राज्य के 12 सिटी चैप्टर्स और भोपाल से आए 30+ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में राज्य के शहरीकरण की गति के अनुसार मास्टर प्लान के शीघ्र क्रियान्वयन, अफोर्डेबल हाउसिंग, और सिंगल विंडो क्लियरेंस जैसे बिंदुओं पर संगठित नीति प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
मुख्यमंत्री से ‘वन-टू-वन’ चर्चा
इंदौर को कनवेंशन सेंटर में दोपहर को आयोजित ग्रोथ कॉन्क्लेव में क्रेडाई के नेशनल प्रेसिडेंट शेखर पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंच साझा किया तथा सीएम से वन टू वन मीटिंग कर देशभर में क्रियान्वित इन्वेस्टर फ्रेंडली नीतियों और बेस्ट प्रैक्टिसेस पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने क्रेडाई सभी सिटी चैप्टर्स की संयुक्त बैठक शीघ्र आयोजित करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री और नगरीय विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि रियल एस्टेट के सतत विकास के लिए सरकार क्रेडाई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगी।
आयोजन में क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष श्री मनोज मीक ने कहा, “यह तीव्र शहरीकरण का दौर है। स्थितियाँ नीति सुधारों की रफ्तार तेज करने और जमीनी क्रियान्वयन की मांग कर रही हैं। राज्य के प्रमुख महानगरों के मास्टर प्लान लंबित हैं, जिन्हें तत्काल लागू करना आवश्यक है।”
ग्रोथ कॉन्क्लेव के दौरान नवाचार, टेक्नोलॉजी, मोबिलिटी और ग्रीन सिटीज पर चार टेक्निकल सेशंस हुए, जिनमें निवेशकों, शहरी योजनाकारों और रियल एस्टेट लीडर्स ने सक्रिय सहभागिता की।