अखिल विश्व गायत्री परिवार ने रक्षाबंधन के पर्व को श्रावणी पर्व के रूप में मनाया

बहना मांगे भाई से ,राखी पर रक्षा का उपहार। भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना, श्रावणी पर्व पर 10 स्नान
भोपाल। अखिल विश्व गायत्री परिवार पर प्रतिवर्षानुसार
रक्षाबंधन के पर्व को श्रावणी पर्व के रूप में मनाया है जिसके अंतर्गत 9अगस्त को प्रातः 7:30 से
भोपाल के सभी परिजन 10 स्नान का क्रम करते है जिसमें गोबर,गोमूत्र मिट्टी,गौमय पंच द्रव्य आदि से स्नान कर यज्ञोपवित्र (जनेऊ) बदलकर वैदिक गायत्री यज्ञ संपन्न कर इसके उपरांत आपस में एक दूसरे को रक्षा सूत्र बांधकर शुभकामनाएं बधाई देते हैं गायत्री परिवार रक्षाबंधन के पर्व को भाई बहन पुनीत पर्व के अवसर पर बहन भाई को राखी बांधती है और अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती है और इस अवसर पर बहन भाई से वचन लेती है कि एक व्यसन बुराई ,फैशन या आप दूसरी बहनो को भी अपनी बहन के जैसा समझोगे एवं कोई नशे व्यसन की आदत है तो उसे आज से ही त्याग करोगे ऐसा वचन संकल्प ले कर राखी बांधती है भाई भीअपनी बहन एवं समाज की बहनो की रक्षा, सम्मान का वचन देता है।।
ऊपर से नीचे से जाएगी
आज की दिव्या ज्योति कलश यात्रा कोलार क्षेत्र मैं जन जागरण करते हुए संध्या की बेला में प्रियंका नगर के हनुमान मंदिर पर दीप यज्ञ के साथ समापन हुआ इस अवसर पर कार्यक्रम में पधारी सभी उपस्थित बहनों भाइयों को रक्षा बंधन के पावन पर की पूर्व संध्या पर रक्षाबंधन पर भाइयों से व्यसन छोड़ने के पौध रोपण करने साथ बहनों की रक्षा का वचन पत्र भरवा करके राखी बंधेगी।
भाई वचन देता है बहन को
रक्षाबंधन की लाज रखूंगा, है बहन तुम्हारी कसम, हरदम रहूंगा दूर नशे से , बहकेंगे नहीं कदम।
हर बहन की करूंगा रक्षा, है मुझ में यह दम, सुनने मेरी बहना, निभाऊंगा वचन यह हरदम।।