अध्यात्मखबरमध्य प्रदेश

ऋषिकेश से पधारे महान संत सदाशिव श्री नित्यानंद गिरी महाराज के श्री मुख से सम्राट गार्डन डंडापुरा विदिशा में चल रही भागवत कथा ‌

विदिशा – विदिशा के सम्राट गार्डन में ऋषिकेश से पधारे महान संत सदाशिव श्री नित्यानंद गिरी महाराज के मुख से भागवत कथा सुनाई जा रही है। राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा एवं लायंस इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट सह मल्टीमीडिया प्रभारी लायन अरुण कुमार सोनी ने बताया कि चल रही भागवत कथा में ऋषिकेश से पधारे महान संत श्री नित्यानंद गिरी महाराज ने उपदेश दिए कि आज हम जो है ,सुख दुख भोग रहे हैं,हानि लाभ हो रहा है। अनुकूलता ,प्रतिकूलता हो रही है।यश अपयश हो रहा है। यह सब हमारे कर्मों का ही फल है l हम जो भी क्रिया करते हैं। उसकी प्रतिक्रिया अवश्य होती है इसलिए आज हो या कल हमें वो ही कर्म करना चाहिए जैसा हम फल चाहते हैं l ऋषिकेश से पधारे सदाशिव नित्यानंद गिरी महाराज ने आज के आधुनिक युग में भक्ति एवं कर्म योग के सिद्धांत के महत्व को समझाया l श्री महाराज जी ने बताया कि आज हम जो भी हैं वो हमारे पूर्व कर्मों का ही फल है। हमारा जन्म हमारे कर्मों के अनुसार ही हुआ है l किसी को यश,अपयश मिला है। किसी को अपर धन मिला है। किसी को अपर वैभव सुख संपदा मिली है और किसी को अत्यंत दुख मिला है। यह सब उस प्राणी के पुराने कर्मों का फल है इसलिए अगर हम सुखी और शांत रहना चाहते हैं तो इसी मनुष्य जन्म में सात कर्म करें। दूसरों की भलाई करें तभी ईश्वर हमारी भलाई करेगा l जैसे सर्दी आती है ,गर्मी आती है, बरसात आती है तो हम उसे स्वीकार करते हैं, रोते नहीं हैं। इसी प्रकार दुख सुख या परेशानी आए तो हमे विचलित नहीं होना चाहिए। उसे धैर्यपूर्वक सहन करना चाहिए और अच्छे कर्म करते रहना चाहिए। हर परिस्थिति में ईश्वर हमारी परीक्षा लेता है और हमारा कल्याण करता है l स्वामी जी ने समझाया कि परिस्थिति हमारे हाथ में नहीं है परन्तु मनोस्थिति हमारे हाथ में है और मनोस्थिति सभांल ली तो हम हर परिस्थिति में आनंद अनुभव कर सकते हैं। यही बात हमको हर प्राणी को समझना है ताकि हमारा मनुष्य जीवन सफल हो सके l इस भागवत कथा में भारी संख्या में धर्मप्रेमी ,गणमान्य नागरिक एवं मातृशक्ति उपस्थित थीं। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में कल्पना श्रीवास्तव परिवार ने सराहनीय कार्य किया है एवं इंद्रा कॉम्पलेक्स नागेश्वर मंदिर की भजन मंडली भी भरपूर सहयोग दे रही है। अभी यह भागवत कथा चार दिन ओर धर्म की गंगा बहाएगी। आहूजा पुणे आयोजकों ने नगर की धर्म प्रेमी जनता से कथा में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने का निवेदन किया है।

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