वीरांगना अमृता देवी बलिदान दिवस को भारतीय मजदूर संघ ने पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया

आज भारतीय मजदूर संघ जिला इकाई ने वीरांगना अमृता देवी दिवस को पर्यावरण दिवस के रूप मे मनाया आज भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध सभी संगठनों के पदाधिकारी कार्यकर्ता ने जुमड़े भवन भवन महात्मा गांधी चौराहा भेल पर इकट्ठे होकर के जुलूस के रूप जमुरी मैदान के साइड वाले वन में पौधारोपण किया
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री कृष्ण प्रताप सिंह अखिल भारतीय उपाध्यक्ष भारतीय मजदूर संघ एवं विशेष अतिथि श्री विनोद रिछारिया जी की उपस्थिति में पौधारोपण किया इस मौके पर मुख्य अतिथि केपी सिंह ने सभी भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं को वीरांगना अमृता देवी बलिदान दिवस के इतिहास के बारे में विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि अमृता देवी एक वीरांगना थीं जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। वह बिश्नोई समुदाय से थीं, जो प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए जाना जाता है। अमृता देवी ने 1730 में जोधपुर के महाराजा अभय सिंह के सैनिकों का विरोध किया, जो खेजड़ी के पेड़ों को काटने आए थे। उन्होंने पेड़ों को बचाने के लिए सैनिकों का सामना किया और अपने प्राणों की आहुती दी, अमृता देवी और उनकी तीन बेटियों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुत दे दी इस घटना में कुल 363 बिश्नोई शहीद हुए थे।
केपी सिंह ने सभी भारतीय मजदूर संघ के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को संघ की मर्यादाओं का भान कराते हुए,मार्गदर्शन दिया कि पर्यावरण संतुलन के लिए पौध रोपण,पानी बिजली बचाने के साथ पॉलिथीन हटाना है स्वदेशी अपनाना है देश को सशक्त समृद्ध आत्मनिर्भर बनाना है। वर्तमान में अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैक्स का मुकाबला हम स्वदेशी अपनाकर आत्मनिर्भर भारत में सहयोगी बनेंगे। विनोद रिछारीया जी ने कहा कि अमृता देवी का बलिदान दिवस हमें पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। इस अवसर पर जिला के अध्यक्ष हीरा रानवे,मंत्री रघुराज सिंह दांगी,विभाग प्रमुख कमलेश नागपुर बिजली से रमेश नागर, कार्यक्रम के संयोजक अरुण चौकीकर भामस से संबंध सभी संगठन भेल, पोस्टल,बीमा बिजली, रेलवे ,राज्य कर्मचारी संघ, बैंक, सफाई कर्मचारी संघ सभी के प्रतिनिधि उपस्थित हुए।