एम.पी. ट्रांसको सबस्टेशन में ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल संपन्नः ग्रिड बहाली की तैयारियों का हुआ सफल परीक्षण
भोपाल। प्रदेश में ट्रांसमिशन ग्रिड की आपातकालीन तैयारियों एवं सिस्टम रिस्टोरेशन क्षमता के परीक्षण हेतु मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) के सबस्टेशन एवं टोन्स हाइडल पावर हाउस सिरमौर के समन्वय से ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल एक्सरसाइज का सफल आयोजन किया गया।
220 के.व्ही. सबस्टेशन कोटर (रीवा) से संचालित हुई इस मॉकड्रिल में ब्लैकआउट जैसी परिस्थितियों में ट्रांसमिशन सिस्टम को सुरक्षित एवं क्रमबद्ध तरीके से सिस्टम रिस्टोरेशन करने की प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। मॉकड्रिल के दौरान ग्रिड आइलैंडिंग, सिंक्रोनाइजेशन तथा वोल्टेज एवं फ्रिक्वेंसी नियंत्रण से संबंधित तकनीकी प्रक्रियाओं का सफलतापूर्वक अभ्यास किया गया।
— क्या है ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल —
ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल एक तकनीकी प्रक्रिया है, जिसमें यह परीक्षण किया जाता है कि यदि अचानक पूरा ग्रिड फेल हो जाए, तो बिना बाहरी बिजली की मदद के पावर हाउस को कैसे चालू किया जाए और धीरे-धीरे पूरे प्रदेश की बिजली आपूर्ति कैसे बहाल की जाए।
–वास्तविक परिस्थितियों में की गई मॉकड्रिल —
एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री प्रदीप सचान ने बताया कि मॉकड्रिल के तहत 33 के.व्ही. के 6 फीडरों पर लगभग 2 घंटे तक अस्थायी रूप से विद्युत व्यवधान रहा, जिससे सिस्टम रिस्टोरेशन के विभिन्न चरणों का वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण संभव हो सका। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर जबलपुर, फील्ड स्टाफ और कंट्रोल रूम के बीच सटीक तालमेल बना रहा। सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि ट्रांसमिशन नेटवर्क की निरंतरता बनी रहे।
उल्लेखनीय है कि इस प्रकार की ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल से ग्रिड की विश्वसनीयता, आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता और तकनीकी दक्षता में वृद्धि होती है। भविष्य में किसी बड़े ग्रिड फेल्योर या ब्लैकआउट की स्थिति में तेज़ी से विद्युत आपूर्ति बहाल करने में ऐसे अभ्यास महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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