अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में जेके म्यूजिकल ग्रुप की संगीत संध्या सम्पन जेके म्यूजिकल ग्रुप द्वारा लाल परेड ग्राउंड में चल रहे अंतरराष्ट्रीय वन मेले में संगीत संध्या का कार्यक्रम कर पूरे मेले को संगीत में बना दिया


संगीत कार्यक्रम का आरंभ इस बदला से प्रारंभ हुआ आगे के एकल गीतों के क्रम में डॉक्टर संतोष तिवारी द्वारा रफी साहब का मशहूर गीत देखा है तेरी आंखों में प्यार ही प्यार बेशुमार कुलदीप सिंह द्वारा शैलेंद्र सिंह का गीत मैं शायर तो नहीं उदय भंडारे द्वारा किशोर कुमार का चेहरा है या चंद खिला है प्रदीप
संगीत कार्यक्रम का आरंभ इस बदला से प्रारंभ हुआ आगे के एकल गीतों के क्रम में डॉक्टर संतोष तिवारी द्वारा रफी साहब का मशहूर गीत देखा है तेरी आंखों में प्यार ही प्यार बेशुमार कुलदीप सिंह द्वारा शैलेंद्र सिंह का गीत मैं शायर तो नहीं उदय भंडारे द्वारा किशोर कुमार का चेहरा है या चंद खिला है प्रदीप सक्सेना द्वारा मुकेश जी का वह महबूबा ओ महबूबा तेरे दिल के पास ही है मेरी मंजिल प्रस्तुत किया गया जिसे उपस्थित सुल्तान द्वारा काफी सराहा गया
आगे के युगल गीतों में शोखियों में घोला जाए फूलों का स्वभाव जीके और नीति मालवी द्वारा उदय और नीतू द्वारा तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती नरेश और वाणी जी द्वारा घूंघट की आड़ से दिलबर का प्रस्तुत किया गया जिसे उपस्थित सुविधाओं ने काफी आनंद लिया
संगीत संध्या में एकल एवं युगल कल 20 गीतों की प्रस्तुति देकर मेले के माहौल को संगीत में बना दिया गया कार्यक्रम के अंत में ग्रुप के संयोजक प्रदीप सक्सेना द्वारा उपस्थित श्रोताओं एवं कार्यक्रम की प्रस्तुति हेतु लघु वनोंनोपज संघ का आभार व्यक्त किया



