स्टोक्स और मैकुलम दोनों का करार 2027 तक है और दोनों ने मौजूदा दौरे के बाद भी अपने-अपने पदों पर बने रहने की इच्छा जताई है। स्टोक्स ने कहा, ‘मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि मैं और ब्रेंडन आने वाले समय में इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए सही लोग हैं। मैंने ब्रेंडन के साथ काम करने का पूरा आनंद लिया है। मुझे नहीं लगता कि कोई और व्यक्ति है, जिसके साथ मैं इस टीम को मौजूदा स्थिति से और ऊंचाइयों तक ले जा सकूं।’ हालांकि, स्टोक्स ने माना कि इंग्लिश समर से पहले आत्ममंथन जरूरी होगा। उन्होंने आगे कहा, ‘कप्तान और कोच के तौर पर हमें बैठकर यह सोचना होगा कि अगले स्तर पर पहुंचने के लिए हमें क्या बेहतर करना है।’
ऑस्ट्रेलिया में एशेज हार के बाद इंग्लैंड में अक्सर बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। खुद स्टोक्स और मैकुलम की नियुक्ति भी चार साल पहले 4-0 की हार के बाद हुई थी। इस पर स्टोक्स ने कहा, ‘हम 2010-11 के बाद से यहां नहीं जीत पाए हैं। हर बार हार के बाद बदलाव किए गए, लेकिन क्या उससे सच में कुछ बदला? अगर हम फिर वही करेंगे जो चार साल पहले किया था, तो हम दोबारा उसी स्थिति में पहुंच जाएंगे।’