
कंगना रनौत ने हाल ही में एआर रहमान के विवादित बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। अपनी प्रतिक्रिया में रहमान का जिक्र करते-करते अचानक उन्होंने अचानक एक फैशन डिजाइनर को भी इसमें घसीट लिया। जानिए क्या है पूरा मामला?
आगे कंगना ने लिखा, ‘मैंने आपको अपनी फिल्म ‘इमरजेंसी’ की कहानी सुनाना चाहती थी पर आपने मुझसे मिलने से भी इंकार कर दिया था। बताया गया कि आप किसी प्रोपेगेंडा फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते। विडंबना यह है कि ‘इमरजेंसी’ को सभी ने एक मास्टरपीस कहा लेकिन आप अपनी नफरत में अंधे हो चुके हैं। मुझे आपके लिए दुख होता है।’कई डिजाइनर में मुझसे बात करना बंद किया’
इस स्टोरी के बाद एक और स्टाेरी साझा करते हुए कंगना ने अपनी बात आगे बढ़ाई। एक्ट्रेस ने लिखा, ‘रहमान जी, सबकी अपनी-अपनी लडाईयां होती हैं। कई ऐसे डिजाइनर्स हैं जो मुझसे अपनी ज्वैलरी और कपड़े फ्री फंड के कैंपेन के जरिए लॉन्च करवाना चाहते थे और कहते थे कि वो मेरे बेस्ट फ्रेंड हैं। उन्होंने बाद में मुझसे बात करना तक बंद कर दिया।’
बहन की शादी में नहीं मसाबा की शादी में डांस किया’
इतना सब लिखने के बाद कंगना ने एक और तस्वीर साझा की। इसमें वो स्टेज पर परफॉर्म करती नजर आईं। इसे साझा करते हुए उन्होंने लिखा, ‘मैंने कभी अपनी बहन की शादी में भी कोई परफार्मेंस नहीं दी पर 2016 में जब मसाबा की शादी हुई तो मैंने उसमें डांस किया।’
वामपंथी अपनी नफरत में अंधे है’
अंत में मसाबा के साथ एक और तस्वीर साझा करते हुए कंगना ने लिखा ‘वामपंथी अपनी नफरत में अंधे हो चुके हैं। आने वाली पीढ़ी को इनसे बचने की जरूरत है।’ इस तस्वीर को साझा कर कंगना ने मसाबा के साथ अपनी टूटी हुई दोस्ती का दर्द भी बयां किया।
कौन हैं मसाबा गुप्ता ?
मसाबा गुप्ता, अभिनेत्री नीना गुप्ता की बेटी हैं। पेशे से डिजाइनर मसाबा की पहली शादी 2016 में फिल्म प्रोडयूसर मधु मंतेना से हुई थी। 2019 में अपने तलाक के बाद मसाबा ने 2023 में सत्यदीप मिश्रा से दूसरी शादी की।
‘साड़ी पहनकर मंदिर जाने से रोका’
एक्ट्रेस ने आगे एक पुराना किस्सा शेयर करते हुए लिखा, ‘मुझे याद है जब मैंने आयोध्या की राम जन्मभूमी जाने के लिए फेमस डिजाइनर मसाबा गुप्ता की साड़ी पहन रखी थी। मसाबा ने अपने स्टाइलिस्ट से कहा कि मैं उनकी डिजाइन की हुई साड़ी पहनकर राम मंदिर नहीं जा सकती।
मैं गाड़ी में थी और चेंज करने की कोई व्यवस्था नहीं थी। उस वक्त मैंने खुद को बेहद मैंने अपमानित और नीचा महसूस किया। मैं चुपचाप कार में रोती रही। बाद में मसाबा ने बाकी डिजाइनर्स की तरह मुझे अपना नाम और अपने ब्रांड का नाम मेंशन न करने के लिए कहा। आज रहमान जी, मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं पर उनके अपने गुस्से और पूर्वाग्रहों का क्या?’




