बिहार सांस्कृतिक परिषद् द्वारा विद्या एवं ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का पूजनोत्सव हर्षोल्लास से सम्पन्न




भोपाल।वसंत पंचमी के पावन अवसर पर बिहार सांस्कृतिक परिषद् द्वारा माँ सरस्वती पूजनोत्सव का भव्य आयोजन सरस्वती देवी प्रांगण, बरखेड़ा, भेल, भोपाल में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
सभ्यता के विकास में सृजनशीलता का गुण केवल मानव में ही पाया जाता है। अध्यात्म के अनुसार मानव में विद्या, विवेक एवं ज्ञान का विकास विद्या एवं ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के आशीर्वाद से ही संभव है।
परिषद् के संयोजक श्री सतेन्द्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पूजनोत्सव के अंतर्गत प्रातः माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना एवं हवन के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया तथा 443 बच्चों का विद्यारम्भ संस्कार संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क मेडिकल, डेंटल एवं नेत्र जाँच शिविर का आयोजन किया गया, साथ ही होम्योपैथिक औषधियों का वितरण भी किया गया, जिसमें लगभग 2300 लोग लाभान्वित हुए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में सुप्रसिद्ध भोजपुरी कलाकार रघुवर शरण श्रीवास्तव (विजेता – सुर संग्राम, महुआ टीवी फेम) एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत संगीतमय भक्ति प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। परिषद् से संबद्ध विद्यालयों एवं परिवारों की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
पूजनोत्सव के अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। बीस हजार से अधिक श्रद्धालु एवं भक्तो द्वारा माँ सरस्वती की आराधना किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक श्री अशोक पांडेय, विभाग संघचालक सोमकान्त जी, विभाग कार्यवाह श्री राधेश्याम मालवीय, मुख्य अतिथि माननीय श्रीमती कृष्णा गौर जी, मंत्री, मध्यप्रदेश शासन, जिला अध्यक्ष भाजपा श्री रवींद्र यति, जिला अध्यक्ष विहिप श्री विनोद सिंह, श्री एस. आर. प्रसाद, श्री आर. एन. गिरी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रामनंदन सिंह, संजय साह, सुरुचि कुमार, सूर्य कुमार सिंह, अनिल यादव, प्रभात कुमार, आयुष चौधरी, संजीव कुमार, परमानंद गिरि, शुभम पाठक, मनोज पाठक, राकेश सिंह, दिनेश सिंह, नितेश कुमार, नरेंद्र सिंह, आनंद साहू, सुरेश कुमार चौधरी, हरिशंकर प्रसाद, धर्मेंद्र कुमार, रोहित कुमार, विपिन बिहारी, रंजीत कुमार सहित परिषद् के सभी कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।



