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चैतन्य सोश्यो कल्चरल सोसायटी द्वारा  संगीत और नृत्य आधारित बसंत पंचमी पर्व मनाया गया 

गांधी भवन भोपाल में कार्यक्रम का हुआ आयोजन 

भोपाल, 23 जनवरी। चैतन्य सोश्यो कल्चरल सोसायटी द्वारा संगीत और नृत्य आधारित बसंत पंचमी पर्व मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन गांधी भवन में किया गया। बसंत – बहार थीम पर कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना सरस्वती मंत्र या कुन्देन्दु तुषार हार धवला हुई।  सारंगी पर उस्ताद ईशाक खान डागर और  गायिका  श्रुति कीर्ति बारिक ने प्रस्तुतियां दीं।  इसके बाद नृत्य गीत – ‘छम छम नाचत आई बहार’ पेश किया गया। इस अवसर पर नृत्यांगना सुमन कोठारी द्वारा सरस्वती वंदना – “जय जय हे भगवती सुरभारती” (संस्कृत) की प्रस्तुति दी गई। राग बहार नृत्य-बंदिश सकल बन फूले भी इसी क्रम में प्रस्तुत की गई। नृत्यांगना – मनीषा हुराईया ने गीत-ओ बसंती पवन पागल ना जा रे ना जा रोको कोई की मोहक प्रस्तुति दी। बाद में फिल्म – जिस देश में गंगा बहती है की प्रस्तुति दी गई।  इसके बाद गायिका श्रुति कीर्ति बारिक ने गायन से मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में शास्त्रीय गायन – राग बसंत और बहार की आकर्षक प्रस्तुति दी गई।  फगवा गीत ब्रज देखन को चलो री- राग बसंत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। गायन उस्ताद सलीम अल्लाहवाले और  तबला वादन असीम अल्लाहवाले द्वारा किया गया।

परिचय चैतन्य सोश्यो कल्चरल सोसायटी-

-सन् 2010 में स्थापित चैतन्य सोश्यो कल्चरल सोसायटी द्वारा प्रत्येक वर्ष संगीत नृत्य कार्यशालाओं, बैले नाट्य प्रशिक्षण कार्यशालाओं के आयोजनों तथा बैले निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए संस्था द्वारा विभिन्न अवसरों पर संगीतिक कार्यक्रमों के आयोजनों द्वारा सांस्कृतिक गतिविधियों को विस्तार दिया जा रहा है। विगत वर्ष संस्कृति संचालनालय के सहयोग से दिनांक 27 सितंबर 2025 को सदाबहार पुराने फिल्मी गीतों पर आधारित ‘स्वर्णिम स्मृतियां’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। 24 दिसंबर 2025 को सुर सम्राट पद्मश्री मोहम्मद रफी की जन्मतिथि पर रफी जी के गीतों और महान नायक पद्मभूषण धर्मेंद्र की फिल्मों पर आधारित ‘सुनहरी यादों का गुलदस्ता ‘कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सांगीतिक गतिविधियों की कड़ी में 23 जनवरी 2026 को सरस्वती देवी, राग बसंत व बहार पर आधारित संगीत – नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत उस्ताद सलीम अल्लाहवाले द्वारा राग बसंत व बहार की बंदिशों का शास्त्रीय गायन, डॉ. श्रुति कीर्ति, वर्षा मालवीय, अनन्या यादव द्वारा सरस्वती श्लोक, सरस्वती वंदना पेश की गई। सुमन कोठारी, मनीषा हुराईया और अनन्या यादव द्वारा बसंत बहार रागों पर आधारित गीत, बंदिश पर नृत्यों का प्रदर्शन किया गया ।

 

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