
चांदी की कीमतों में तेजी का सिलसिल थमने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार को 15,000 रुपये बढ़कर चांदी 3.85 लाख रुपये/किलो के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची। सोना भी 1.71 लाख रुपये के पार चला गया है। जानिए कमजोर डॉलर और फेड मीटिंग का कीमतों पर क्या असर।
सिर्फ चांदी ही नहीं, सोने की चमक भी लगातार बढ़ रही है। 99.9% शुद्धता वाला सोना बुधवार को 5,000 रुपये चढ़कर 1,71,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया। इससे पहले यह 1.66 लाख रुपये पर बंद हुआ था।
बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस तूफानी तेजी के पीछे मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय कारण हैं:
1. कमजोर डॉलर: अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट आई है, जिससे बुलियन (सोना-चांदी) की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों ने संकेत दिया है कि वह कमजोर डॉलर के पक्ष में हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा डॉलर से हटकर सोने-चांदी पर बढ़ा है।
2. ब्याज दरों पर नजर: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर सबकी नजर है। हालांकि ब्याज दरों के स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन भविष्य में दरों में कटौती की संभावना ने सोने-चांदी की मांग बढ़ा दी है।
3. सुरक्षित निवेश: एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सौमिल गांधी का कहना है कि दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार को लेकर अनिश्चितता के कारण लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना-चांदी खरीद रहे हैं।
एक्सपर्ट की राय
शेयरखान के प्रवीण सिंह का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगातार 8वें दिन बढ़त के साथ 5,311 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनीषा चैनानी के मुताबिक, डॉलर की कमजोरी और पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता ने चांदी को 115 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंचा दिया है।




