झारखंड निकाय चुनाव : सिटी गवर्नमेंट बनाने पर BJP की नजर, 29 को रिपोर्ट, 31 को फाइनल लिस्ट


झारखंड में नगर निकाय चुनाव की रणभेरी बज चुकी है. राज्य में 23 फरवरी को मतदान और 27 फरवरी को मतगणना की तिथि निर्धारित होने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गयी है. हालांकि, इस बार चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा है. इसके बावजूद प्रदेश भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है. पार्टी मेयर और नगर परिषद अध्यक्ष पदों पर अपने समर्थित उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है.
बीजेपी ने चुनाव के लिए किन लोगों को सौंपी जिम्मेवारी
भाजपा नेतृत्व ने चुनाव में सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने के लिए प्रमंडलवार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है. इन पर्यवेक्षकों को संबंधित क्षेत्रों में जिताऊ और टिकाऊ प्रत्याशियों के चयन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गयी है. चयन प्रक्रिया में स्थानीय समीकरणों और कार्यकर्ताओं की राय को प्राथमिकता दी जा रही है. पांचों प्रमंडलों में नियुक्त पर्यवेक्षक 29 जनवरी को अपनी विस्तृत रिपोर्ट और संभावित उम्मीदवारों की सूची प्रदेश नेतृत्व को सौंप देंगे.
बीजेपी की ये दो समिति लगाएगी प्रत्याशियों के नाम पर मुहर
पर्यवेक्षकों से सूची प्राप्त होने के बाद प्रदेश नेतृत्व सक्रिय होगा. मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश कोर कमेटी और चुनाव समिति के सदस्य प्राप्त नामों पर गहन मंथन करेंगे. बैठक में सर्वसम्मति से प्रत्येक सीट के लिए एक समर्थित उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगायी जायेगी. प्रत्याशियों के लिए चार फरवरी तक नामांकन दाखिल करने के लिए अंतिम तिथि निर्धारित की गयी है. ऐसे में पार्टी का प्रयास है कि 31 जनवरी तक इन नामों की आधिकारिक घोषणा या आंतरिक तौर पर सूची जारी कर दी जाये, ताकि समर्थित प्रत्याशी समय रहते अपना नामांकन दाखिल कर सकें और चुनाव प्रचार में जुट सकें.
बीजेपी की क्या है रणनीति
चुनाव भले ही गैर दलीय आधार पर हो रहे हैं, लेकिन भाजपा ने शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत बनाये रखने के लिए एक पद पर एक ही समर्थित उम्मीदवार रखने की रणनीति बनायी है, ताकि मतों का बिखराव न हो. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि संगठित होकर चुनाव लड़ने से न केवल जीत सुनिश्चित होगी, बल्कि नगर निकायों के विकास कार्यों में भी पार्टी की विचारधारा को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा.



