बाग प्रिंट और कॉटन में नई वैरायटी लेकर आए हैं निजामुद्दीन खत्री
बाग प्रिंट उपाद, सिल्क और कॉटन बने आकर्षण


भोपाल, बाग प्रिंट भारतीय परिधान की सबसे प्राचीन कला है और इसे पीढ़ियों से आगे बढ़ा रहा है खत्री परिवार। राजधानी के रविंद्र भवन में चल रहे लोकरंग उत्सव में अपने परिधानों की प्रदर्शनी लगाए हुए निजामुद्दीन खत्री ने कहा कि वह 25 वर्षों से बाग प्रिंट और अन्य प्रकार के भारतीय परिधानों पर काम कर रहे हैं । इस बार लोक रंग में वह नई वैरायटी पेश कर रहे हैं जिसमें बाग के ऊपर अजरक बनाया गया है । उनके पास पैनल वाला बैग, उपाड़ा सिल्क , मोडाल सिल्क जॉर्जेट की साड़ियां उपलब्ध है। इसके अलावा सूट में कॉटन उपाद, मोडाल सिल्क सभी प्रकार की वैरायटी पेश कर रहे हैं। निजामुद्दीन ने कहा कि इस बार खास रूप से डोला सिल्क, मिशिगन, जॉर्जेट और कॉटन की साड़ियां लाई गई हैं। ये किफायती दाम पर उपलब्ध हैं जो कि 850 रुपए से शुरू होती हैं तथा 5000 तक की साड़ियां विभिन्न रेंज में हैं। निजामुद्दीन खत्री ने कहा कि बाग प्रिंट उनका पुश्तैनी काम है और पांच पीढ़ियों से इसे आगे बढ़ा रहे हैं।



