राज्य स्तरीय दो दिवसीय मनोवैज्ञानिक परामर्श मीट का आज सफलता पूर्वक समापन
एनसीईआरटी के पं सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल में शिक्षा मंत्रालय के मनोदर्पण प्रकोष्ठ व क्षेत्रीय शिक्षा शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित।



इस कंसल्टेटिव मीट में एम्स,नई दिल्ली, आईसीएमआर, एनसीईआरटी और विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने म.प्र. के शिक्षकों,परामर्शदाताओं, स्कूली प्रशासकों सहित प्रदेश के 200 से अधिक प्रतिभागियों से मानसिक स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम पर संवाद किया। समापन सत्र में पधारे म.प्र.शासन के विद्यालयी शिक्षा के प्रमुख सचिव डाॅ. संजय गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की समस्या आज समाज के समक्ष बड़ी चुनौती के रुप में उभरी है। अभिभावकों के बढ़ते स्क्रीन टाइम के कारण वह अपने बच्चों पर भी ध्यान नहीं दे पा रहें। जिससे माता-पिता व बच्चे दोनों मनोविकार के शिकार हो रहें है। म.प्र.शासन इस समस्या को ध्यान में रखकर एनसीईआरटी की मनोदर्पण पहल से जुड़कर इस दिशा में सार्थक प्रयास कर रही है। यही कारण है कि प्रदेश के सकल नामांकन अनुपात सौ प्रतिशत होने की ओर अग्रसर है। एनसीईआरटी मनोदर्पण पहल के राष्ट्रीय संयोजक प्रो.विनोद सांगवाल ने इसके विभिन्न फोरमों, परामर्श व्याख्यानों एवं हेल्पलाइन के बारे विस्तृत संवाद प्रतिभागियों से किया। प्रो. सांगवाल ने बताया कि माननीय निदेशक एनसीईआरटी के निर्देशन में सारे देश में इस तरह की राज्य स्तरीय बैठकों का आयोजन हो रहा है। इसके पहले राजस्थान के सीकर में ऐसी बैठक का आयोजन हो चुका है।क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के प्राचार्य प्रो.शिव कुमार गुप्ता ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आज के विद्यार्थियों को मानसिक दृढ़ता को उनके अकादमिक व सामाजिक योगदान के लिए आवश्यक बताया। इस अवसर पर पीएसएससीआईवीई के संयुक्त निदेशक प्रो.दीपक पालीवाल शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो.एन.सी.ओझा,गणित व विज्ञान शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो.अश्वनी कुमार गर्ग सहित संकाय सदस्य व म.प्र.के समस्त जिलों से पधारे प्रतिभागी उपस्थित रहे। बैठक का संचालन मनोदर्पण पहल के स्थानीय प्रभारी डाॅ.सौरभ कुमार ने किया।



