अध्यात्मखबरमध्य प्रदेश

माघ पूर्णिमा पर पूज्य भन्ते महाकश्यप जी ने दी धम्मदेशना बुद्ध धम्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व

भोपाल। तुलसी नगर स्थित करुणा बुद्ध विहार में माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूज्य भन्ते महाकश्यप जी ने उपस्थित उपासको को अष्टशील ग्रहण कराकर धम्मदेशना दी। धम्म देशना मे उन्होने बताया कि माघ पूर्णिमा एक अत्यंत पवित्र एवं ऐतिहासिक दिवस है। यह तिथि विशेष रूप से महा बौद्ध तीर्थ वैशाली से गहराई से जुड़ी हुई है, जहाँ तथागत गौतम बुद्ध ने अपने जीवन के अंतिम चरण में महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और आध्यात्मिक घटनाएँ संपन्न कीं। वैशाली वह भूमि है जहाँ भिक्षुणी संघ की स्थापना हुई और बुध्द ने अनेक महत्वपूर्ण उपदेश दिए गए। तथागत बुद्ध ने माघ पूर्णिमा के दिन यह स्पष्ट किया कि तीन माह पश्चात वैशाख पूर्णिमा को वे महापरिनिर्वाण को प्राप्त होंगे। इसी दिन तथागत बुद्ध ने वैशाली के नागरिकों को स्मृति-स्वरूप अपना भिक्षा पात्र (चरिका पात्र) प्रदान किया। यह पात्र केवल एक वस्तु नहीं था, बल्कि धम्म की निरंतरता, करुणा और कृतज्ञता का प्रतीक था। माघ पूर्णिमा के दिन तथागत बुद्ध ने अपनी प्रिय नगरी वैशाली का अंतिम दर्शन किया और करुणा-भाव से नगर की ओर दृष्टि डालते हुए अपनी अंतिम चरिका यात्रा के लिए प्रस्थान किया। तथागत बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद लिच्छवी गणराज्य को प्राप्त उनके अस्थि अवशेषों पर महास्तूप का निर्माण कराया जाकर माघ पूर्णिमा को ही लोकार्पण किया गया था, आज भी यह स्तूप अस्तित्व में है। इसलिए वैशाली को बौद्ध अष्ट महातीर्थों में विशेष स्थान प्राप्त हुआ। पूज्य भन्ते जी ने कहा कि इस दिन हमे पूज्य भिक्षुओ को भिक्षा पात्र, धम्म दान स्वरुप अपने आय का एक अंश भाग दान करने से पूण्य अर्जित होता है। पूज्य भन्ते जी की धम्म देशना श्रवण करने के पश्चात अंत में महिला मंडल एवं उपासको व्दारा धम्म दान दिया गया।
इस अवसर पर दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के ट्रस्टी एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष इजि धम्मरतन सोमकुवर, समता सैनिक दल के प्रदेश संरक्षक यू जी चवरे, जिला उपाध्यक्ष ए आर आनंद, महासचिव अशोक पाटील, कोषाध्यक्ष चिंतामन गजभिये, संस्कृति सचिव जगदीश गजभिये, लिलाधर शेंडे, कडबे जी, मेश्राम जी, गोकुल लोखंडे, प्रबुध्द महिला मंडल की अध्यक्ष अंजली चवरे, नीता रामटेक, मंजूषा वासे, सुजाता सोमकुंवर, सिंधु शेंडे, ज्योति कडबे सहित बडी संख्या में उपासक और उपासिकाये उपस्थित थे।
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अशोक पाटील
जिला महासचिव
दि बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया
भोपाल

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