बजट 2026 में कैंसर रोगियों के लिए बड़ी राहत दी गई है। वित्त मंत्री ने 17 जीवन रक्षक कैंसर दवाओं पर कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह से माफ करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इससे आयातित दवाओं की कीमतें गिरेंगी, इलाज सस्ता होगा और लाखों परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम होगा।


भारत की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई MSMEs का बड़ा योगदान है, जो देश के जीडीपी में लगभग 30% हैं। यह देश के कुल उत्पादन का लगभग एक तिहाई है! ये न केवल विनिर्माण (45% उत्पादन) और निर्यात (40%) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि 110 मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार भी देता है
सरकार भी आत्मनिर्भर भारत और ₹10,000 करोड़ के एमएसएमई ग्रोथ फंड जैसी पहल के साथ इस क्षेत्र को
ग्लोबल चैंपियन बनाने पर बल दिया गया है।
इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए 20 हजार करोड़,बायोफार्मा एवं कंटेनर विनिर्माण के लिए 10 हजार करोड़ तथा इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए 40हजार करोड़ के प्रस्ताव सराहनीय है ।इससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। दरों में प्रत्यक्ष रूप से कोई परिवर्तन नहीं है परंतु करदाताओं के लिए इनकम टैक्स रिफॉर्म्स को सरल किया गया है।छोटे कर दाताओं को सेल्फ असेसमेंट की सुविधा,रिटर्न को रिवाइज करने की समय सीमा में वृद्धि इत्यादि भी सराहनीय कदम है।
कैंसर व शुगर की दवाएं सस्ती की गई है जिससे रोगग्रस्त वर्ग को राहत मिलेगी

