एसजीएसयू में एआई मिशन के अंतर्गत तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का सफल आयोजन इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 के तहत टीचिंग–लर्निंग प्रक्रिया में एआई के उपयोग पर मंथन


भोपाल। स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (SGSU) के स्कूल ऑफ एजुकेशन एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) द्वारा एआई मिशन के अंतर्गत इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 के रूप में “टीचिंग–लर्निंग प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षु शिक्षकों की शैक्षणिक और व्यावसायिक दक्षताओं को एआई के क्षेत्र में सशक्त बनाना रहा।
कार्यशाला का शुभारंभ उद्घाटन सत्र से हुआ, जिसमें स्कूल ऑफ एजुकेशन की प्रो. डॉ. नीलम सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका और इसकी भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के पहले दिन मुख्य वक्ता के रूप में सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा की डॉ. आयुषी शर्मा ने “टीचिंग- लर्निंग प्रक्रिया में एआई का उपयोग” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, डिजिटल साक्षरता, अनुसंधान और शिक्षण नवाचार के संदर्भ में एआई के महत्व को रेखांकित किया। इस सत्र की अध्यक्षता स्कूल ऑफ एजुकेशन की विभागाध्यक्ष डॉ. संजू शर्मा ने की, जिन्होंने शिक्षकों को नवाचारी और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धतियाँ अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दूसरे दिन एआईसेक्ट मुख्यालय, भोपाल से आए गूगल क्लासरूम एवं एलएमएस विशेषज्ञ श्री संदीप पोद्दार ने गूगल क्लासरूम, एलएमएस और इंटरएक्टिव कंटेंट क्रिएशन पर व्यावहारिक सत्र संचालित किए। इन सत्रों में व्याख्यान के साथ-साथ हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और समूह चर्चाएँ भी शामिल रहीं, जिन्हें प्रतिभागियों ने अत्यंत उपयोगी बताया।
तीसरे दिन बेंगलुरु यूनिवर्सिटी, कर्नाटक के प्रो. डॉ. शिवमथैय्या मल्लैया ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एआई असिस्टेंस विषय पर संवादात्मक सत्र लिया। यह सत्र अत्यंत रोचक और सहभागितापूर्ण रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने एआई के शैक्षणिक उपयोग पर गहन चर्चा की।
इस कार्यशाला में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षक, विद्यार्थी एवं प्रशिक्षु शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की। इस दौरान स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेगी ने कहा कि कार्यक्रम ने शैक्षणिक संवाद, पेशेवर विकास और ज्ञान के आदान प्रदान के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया, जिससे प्रतिभागियों को अपने अकादमिक जीवन में एआई के प्रयोग के नए दृष्टिकोण प्राप्त हुए।
कार्यक्रम के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह और कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा के प्रति आयोजकों ने आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग से यह कार्यशाला संभव हो सकी।
समापन सत्र में विभागाध्यक्ष डॉ. संजू शर्मा ने प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाएँ साझा कीं, जिसमें सभी ने कार्यक्रम की विषयवस्तु और आयोजन व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र वितरित किए गए। आयोजकों ने संसाधन व्यक्तियों, विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना की।



