राज्य शिक्षक संघ की आपत्ति के बाद स्थानांतरण नीति एवं अतिशेष शिक्षकों की जानकारी पोर्टल को अपडेट करने के निर्देश जारी
भोपाल। राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्थानान्तरण नीति की विसंगतियों एवं पोर्टल पर अतिशेष शिक्षकों की गलत जानकारी में सुधार की मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा था। राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने बताया कि लोक शिक्षण संचालक द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि एजुकेशन पोर्टल 3.0 में समस्त लोक सेवकों की जानकारी प्रमाणीकरण विकासखंड शिक्षा अधिकारी के स्तर से किया गया है, फिर भी विसंगति की स्थिति है। अतः जिला एवं विकासखंड स्तर पर लोक सेवकों की शाला में पदस्थापना की दिनांक का परीक्षण कर यदि किसी लोक सेवक की पदस्थापना दिनांक में परिवर्तन है तो तथ्यात्मक दस्तावेज के साथ जानकारी तत्काल उपलब्ध कराये। अक्टूबर 2024 से अब तक नियुक्त शिक्षकों के आईडी लंबित होने विषयक् नव नियुक्त शिक्षकों द्वारा शाला में कार्यभार ग्रहण कर लिया गया है किन्तु जिला स्तर से इन शिक्षको के आईडी न बनाने के कारण संबंधित शाला में रिक्ति प्रदर्शित हो रही है। अतः जिले में कार्यभार ग्रहण करने वाले सभी शिक्षको के आईडी अनिवार्यतः जनरेट कर यह प्रमाणपत्र भेजे की सभी शिक्षको के आईडी जनरेट कर दिये गए है।
विषय परिवर्तन को लेकर स्पष्ट किया है कि ऐसे माध्यमिक शिक्षक जिनके विषय त्रुटिपूर्ण है, उनके मूल नियुक्ति आदेश पदोन्नति आदेश, नवीन संवर्ग में नियुक्ति आदेश एवं संबंधित की स्नातक उपाधि की अंक सूची के साथ संयुक्त संचालक को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तत्काल उपलब्ध कराई जाये तथा संयुक्त संचालक द्वारा उनके नवीन संवर्ग के संशोधित आदेश जारी किये जाये। तदुपरांत पूर्व का आदेश एवं नवीन संशोधित आदेश के साथ एकजाई सूची संचालनालय को तत्काल उपलब्ध कराई जाये। उच्च माध्यमिक शिक्षक के संदर्भ उल्लेखित आदेश एवं स्नातकोत्तर की अंकसूची के साथ संचालनालय को प्रस्ताव प्रेषित किया जाये।
अन्य लोक सेवक के विषय का परिवर्तन अन्य लोक सेवक के त्रुटिपूर्ण विषय के 4 संबंध में प्राप्त आवेदन के संबंध में भी बिन्दु 3 अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।. उच्च पद प्रभार-संयुक्त संचालक के स्तर से ऑफलाइन जारी किये गये समस्त आदेशो की ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये थे। किन्तु संयुक्त संचालक के स्तर से प्रविष्टि नहीं की गई है।
अतः समस्त संयुक्त संचालक ऐसे लोक सेवक जिनकी ऑनलाइन प्रविष्टि उच्च पद प्रभार के रूप में नहीं की गई है, उसकी जानकारी एक्सेल फार्मेट के साथ हस्ताक्षारित प्रति तत्काल उपलब्ध कराये।
उर्दू विषय के शिक्षक के सम्बन्ध में बताया गया कि उर्दू विषय के कतिपय शिक्षकों द्वारा यह अभ्यावेदन दिया गया है कि विद्यालय में उर्दू विषय के विद्यार्थी उपलब्ध है किन्तु सेटअप में पद दिखाई नही दे रहे है। अतः ऐसे विद्यालय जहाँ उर्दू विषय संचालित है, उन विद्यालयों की सूची एवं उन विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षावार उर्दू विषय के विद्यार्थियों की संख्या सहित जानकारी तत्काल उपलब्ध कराये। शालाओं से कार्यमुक्त किये गये जन शिक्षकों विषयक् ऐसे जिले जहाँ विगत दो तीन माह में जन शिक्षक/बीआरसी/बीएसी को समग्र शिक्षा अभियान के लिए कार्यमुक्त किया गया है तथा वे अभी भी संबंधित विद्यालय में प्रदर्शित हो रहे है, तो ऐसे लोक सेवको की सूची मय आदेश के तत्काल इस कार्यालय को उपलब्ध कराये। इसके साथ ही लोक सेवकों को जानकारी से भी अवगत कराये जाने के निर्देश जारी किए है जिसमें बताया गया कि स्थानांतरण नीति की कंडिका क्रमांक 2.9 के अनुपालन में जिले में कुल स्वीकृत पद से कार्यरत की संख्या से अधिक होने की स्थिति में अन्य जिले में स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा, परन्तु जिला अंतर्गत स्थानांतरण किये जा सकेगे। वर्तमान में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा लोक सेवकों की प्रोफाइल में त्रुटि की गई है ऐसे प्रकरण सामने आ रहे है एवं उनके द्वारा अध्यतनीकरण की कार्यवाही भी की जा रही है ऐसे स्थिति में कई रिक्तियों के प्रभावित होने की संभावना रहेगी। आवंटन के समय अंतिम रूप से शेष रिक्तियों पर आवंटन किया जायेगा।