
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने शुक्रवार को ATM विड्रॉल फीस बढ़ाने का ऐलान किया। नोटिफिकेशन के अनुसार, 1 मई से ग्राहकों को मंथली फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट पार करने पर हर ट्रांजैक्शन के लिए एडिशनल 2 रुपए का भुगतान करना होगा।अभी बैंक फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट पार करने पर 21 रुपए चार्ज करते हैं। अब 23 रुपए चार्ज करेंगे। इससे पहले RBI ने ATM इंटरचेंज फीस भी बढ़ाने का ऐलान किया था। RBI ने इंटरचेंज फीस भी 2 रुपए बढ़ाई है। यानी अब हर ट्रांजैक्शन पर 19 रुपए इंटरचेंज चार्ज देना होगा, जो पहले 17 रुपए था।
इन मामलों में नहीं लगता चार्ज
बैंक ग्राहकों को अक्सर तकनीकी खामियों के कारण एटीएम से ट्रांजैक्शन फेल होने का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामले को ट्रांजैक्शन नहीं माना जाता है। आरबीआई के एक सर्कुलर के अनुसार तकनीकी समस्याओं के कारण विफल लेनदेन को वैध ट्रांजैक्शन के रूप में नहीं गिना जाता है। तकनीकी समस्याओं में हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर की खराबी, एटीएम में नकदी की कमी या गलत पिन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, बैलेंस इन्क्वायरी, चेकबुक रिक्वेस्ट और फंड ट्रांसफर जैसी सर्विसेज एटीएम के जरिए करने पर अलग से चार्ज लगता है।
31 मार्च को रहेगी चेक की विशेष क्लीयरिंग व्यवस्था
इस बीच, रिजर्व बैंक ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के समापन के मद्देनजर केंद्र एवं राज्य सरकारों के ट्रांजैक्शन के सुचारू निपटान को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 31 मार्च को विशेष क्लियरिंग व्यवस्था किये जाने का निर्णय लिया है। आरबीआई ने शुक्रवार को सभी बैंकों निर्देश दिया है कि यह विशेष क्लीयरिंग केवल सरकारी चेक के लिए होगी और इसे चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) के माध्यम से किया जाएगा। बता दें कि आम तौर पर किसी भी कामकाजी सोमवार को जिस समय पर क्लीयरिंग होती है, वही समय 31 मार्च को भी लागू रहेगा। हालांकि, इस दिन सरकारी लेन-देन के जल्द निपटान के लिए विशेष क्लीयरिंग की व्यवस्था की गई है।