मध्य प्रदेश

आध्यात्मिकता से आती है, जीवन में जागरूकता – बी.के. डॉ. रीना


ब्रह्माकुमारीज ब्लेसिंग हाउस, भोपाल।23 जून,. ब्रह्माकुमारीज संस्थान के ब्लेसिंग हाउस (एकेडमी फॉर गॉडली सर्विस) सेवाकेन्द्र में आज का दिन संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका की 59 वीं पुण्य स्मृति दिवस के नाम रहा। उक्त कार्यक्रम में सेवाकेंद्र इंचार्ज ब्रह्माकुमारी बीके डॉ. रीना दीदी ने मातेश्वरी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मात्र 14 वर्ष की अल्पायु में वे ब्रह्माकुमारी संस्थान के संपर्क में आए और 21 वर्ष की आयु में ब्रह्माकुमारी संस्थान में संपूर्ण समर्पित होकर विश्व कल्याण के लिए अपना जीवन दिया और महिला सशक्तिकरण का एक अद्भुत उदाहरण बनी उनका जन्म 1919 में अमृतसर शहर में हुआ। उनका लौकिक नाम राधे था एवं 1965 में उन्होंने अपना भौतिक देह का त्याग किया। उन्होंने बताया कि मातेश्वरी जी संगीत कला, नृत्य कला एवं आध्यात्मिक गुणों से भरपूर थी। बीके डॉ. रीना दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जी का व्यक्तित्व समस्त नारी जगत के लिए गौरव और प्रेरणा का स्त्रोत है। मातेश्वरी जी ने आध्यात्मिक शक्ति के द्वारा मानवता की सेवा के पथ को उस समय चुना जब नारियों को घर से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं होती थी। भारतीय संस्कृति के उत्थान के लिए मातेश्वरी जी का यह त्याग समर्पण और सेवा समस्त भारत तथा विश्व के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने ने बताया कि मातेश्वरी जी ने अपने त्याग, तपस्या और सेवा से समस्त मानव समुदाय को जीवनमुक्ति की राह दिखाई तथा नारियों को आध्यात्म के पथ पर चलते हुए समाज की सेवा करने के लिए प्रेरणा प्रदान की। दीदी ने कहा कि आज मातेश्वरी जी के जीवन से हम सभी यही प्रेरणा लें कि हम सबको अपने मन में आध्यात्मिक जागृति लाने का दृढ़ संकल्प करना है। दीदी ने कहा कि उक्त कार्यक्रम भारत एवं संपूर्ण विश्वभर में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के सेवाकेंद्रों पर आध्यात्म ज्ञान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

संस्थान के वरिष्ठ भ्राता बी.के.डॉ. रावेंद्र भाई ने मातेश्वरी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, उपस्थित जनसमूह को मातेश्वरी जी की विशेषताओं से अवगत कराया। बी.के.डॉ. रावेंद्र भाई जी ने कहा कि हर मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक शक्ति का होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि आध्यात्म मानव के जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। कार्यक्रम के पश्चात परमात्मा निराकार शिव भगवान एवं संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका का 59 वीं पुण्य स्मृति पर भोग स्वीकार कराया साथ साथ कार्यक्रम में आए हुए सभी भाई बहनों ने ब्रह्माभोजन स्वीकार किया।

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