भोपाल में स्कूल बस दुर्घटना प्रशासन की अक्षम्य लापरवाही
भोपाल।भोपाल में कल बाणगंगा चौराहे में हुई बस दुर्घटना, जिसमें एक युवा महिला डॉक्टर की मौत हो गयी तथा सात अन्य घायल हुए है, जिला प्रशासन, पुलिस व परिवहन विभाग की अक्षम्य लापरवाही का परिणाम है। राजधानी में तेज रफ्तार से चल रही बसें, खासकर नामी गिरामी स्कूलों व निजी कॉलेजों की तमाम बसें बगैर परमिट व फिटनेस के चलाई जा रही है। पर जिला प्रशासन, पुलिस व परिवहन विभाग आँख मूँदे बैठी रही। आज जब हादसा हुआ तो उनकी नींद खुली। आनन- फानन जांच, निलंबन और एफआईआर आदि का दिखावा किया जा रहा है। माकपा ने कहा है कि पुलिस हेलमेट और सीट बेल्ट के बहाने चौथ वसूली में मगन है, पर बसों की परमिट और फिटनेस जाँचने के लिए उनके पास समय नहीं है।माकपा ने मांग की है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार परिवहन अधिकारी, पुलिस व स्कूल प्रशासन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उन्हे दृष्टांत मूलक सजा दी जाए। साथ ही सभी बड़े वाहनों की जांच उपरांत गलत फिटनेस जैसी त्रुटि पाए जाने पर दोषियों को सजा दी जाए। पार्टी ने यह भी मांग की है कि मृतका के परिवार को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए तथा घायलों का पूरा इलाज शासन द्वारा किया जाए।