मध्य प्रदेश

विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर का उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज विधानसभा के विशेष सत्र “विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश” में अभिनंदन किया।

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने पूर्व लोकसभा सदस्य सुविख्यात संत डॉ. रामविलास वेदांती महाराज को श्रद्धांजलि दी। विधानसभा के विशेष सत्र में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि वेदांती जी महाराज विंध्य क्षेत्र के गौरव थे। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि ईश्वर ने उनको विशेष प्रयोजन के लिये इस धरती पर भेजा था। मात्र 12 वर्ष की उर्म में वह अयोध्या गये, वहां पर हनुमान गढ़ी के संत अभिरामदास जी महाराज जी के वह शिष्य बने। रामजन्म भूमि आंदोलन में उनकी जो भूमिका का सारा देश साक्षी है। वे एक बड़े प्रयोजन के साथ इस धरती पर आए थे और जैसे ही वह प्रयोजन पूर्ण हुआ, भगवान राम का भव्य मंदिर बना। इसके बाद उन्होंने शांति के साथ इस संसार से विदा ली। वह एक पवित्र आत्मा थे। 12 वर्ष की आयु में जन्मभूमि छोड़ने के बाद उनका विंध्य क्षेत्र के रीवा में समय-समय पर आगमन होता रहा। निधन से एक सप्ताह पहले वे रीवा में रामकथा करने पहुंचे थे। रामकथा के समापन के दिन ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि महाराज को एयरलिफ्ट करने के लिए एयर एंबुलेंस भी मंगाई गई थी, लेकिन खराब मौसम के कारण विमान लैंड नहीं कर सका। जिस दिन उन्होंने देह त्यागी वह एकादशी का दिन था। उनका कहना है कि उनका निधन अपनी ही जन्मभूमि में हुआ, जिसे वे विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानते हैं। उन्होंने कहा कि 12 वर्ष की आयु में जन्मभूमि से अयोध्या जाना, फिर जीवन के अंतिम समय में अपने गृह जिले में लौटकर रामकथा को पूर्ण करना और एकादशी के पावन दिन देह त्यागना, उनके पवित्र जीवन और आध्यात्मिक उद्देश्य का निरूपण है। विधानसभा के विशेष सत्र में सभी सदस्यों ने वेदांती जी महाराज को श्रद्धांजलि दी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button