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सहकारिता में सीपीपीपी मॉडल से विकसित करें नए अवसर : मंत्री सारंग

सहकारी बैंकों के सुदृढ़ीकरण के लिये वैकल्पिक व्यवसाय मॉडल पर हो विचार मंत्री सारंग ने सभी सहकारी बैंकों के सीईओ से की वन-टू-वन चर्चा

सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने प्रदेश के सभी सीईओ से वन-टू-वन चर्चा कर बैंकों की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों एवं चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की तथा भविष्य की कार्ययोजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री श्री सारंग ने मंगलवार को अपेक्स बैंक, भोपाल में सहकारिता विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि पिछले 9 महीनों में सहकारी बैंकों के माध्यम से लगभग 50 हजार नए बचत खाते खोले गए हैं। वहीं 1 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2025 की अवधि में गत वर्ष की तुलना में 300 करोड़ रुपये अधिक ऋण वितरण किया गया है, जो सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

सीईओ से वन-टू-वन चर्चा कर बैंकों के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देश

मंत्री श्री सारंग ने प्रदेश के सभी सहकारी बैंकों के सीईओ से वन-टू-वन चर्चा कर बैंकों के सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सहकारी बैंकों के नोडल अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में नियमित करें। जिन जिलों में कृषि क्षेत्र का विस्तार अधिक है वहां सहकारी बैंकों के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) वितरण एवं नई सदस्यता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक बैंक को अपनी वर्क प्लानिंग रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।

सीपीपीपी के माध्यम से विकसित करें नए अवसर

मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिए कि पारंपरिक बैंकिंग के साथ सहकारी बैंक अल्टरनेटिव बिजनेस मॉडल की ओर भी कदम बढ़ाएं। को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (सीपीपीपी) के माध्यम से नए अवसरों एवं आय के नए आयाम विकसित किए जाएं।

लाभान्वित किसानों का करें प्रचार प्रसार

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि जिन किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से लाभ मिला है उनकी सफल कहानियों का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अन्य किसानों को भी सहकारी व्यवस्था से जुड़ने की प्रेरणा मिले और सरकार की योजनाओं का लाभ उठा सकें।

किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि पैक्स के कंप्यूटरीकरण से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि सेवाएं भी तेज होंगी और किसानों को समय पर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि तकनीक, नवाचार और पारदर्शिता के माध्यम से ही सहकारी संस्थाओं को आगे बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि संभव है। राज्य सरकार सहकारी क्षेत्र को मजबूत कर किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

जनवरी के अंत तक सभी पैक्स बनेंगी ई-पैक्स

बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा जो पैक्स के शत-प्रतिशत कंप्यूटरीकरण कार्य को पूर्ण करेगा। वर्तमान में प्रदेश की 2409 पैक्स ई-पैक्स में परिवर्तित हो चुकी हैं तथा शेष 2427 पैक्स को 31 जनवरी 2026 तक ई-पैक्स के रूप में परिवर्तित कर दिया जाएगा।

विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सहकारी संस्थाओं को किया सम्मानित

मंत्री श्री सारंग ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के ऋण उत्पादों के मूल्यांकन के लिये तैयार मैन्युअल एवं भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नवीन मास्टर परिपत्रों के संकलन से संबंधित पुस्तक का विमोचन किया। इसके साथ ही प्राथमिक सहकारी साख संस्था (पैक्स), राज्य के एक प्रमुख क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्राथमिक सहकारी समितियां (विपणन), प्राथमिक सहकारी संस्था (सहकारिता मंत्रालय की पहल), प्राथमिक महिला सहकारी संस्था (महिला) एवं कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) विभिन्न श्रेणियों में में उत्कृष्ट कार्य करने वाली समितियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक) श्री मनोज गुप्ता सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रदेश भर के जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहे।

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