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भोपाल के योग सांसद डॉ. विनीत तिवारी बने भारतीय योग संसद के अध्यक्ष

भोपाल— योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का वैश्विक प्रतीक बनाने तथा देश को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारतीय योग संसद ने अपनी प्रथम ऑनलाइन बैठक आज सफलतापूर्वक आयोजित की। इस बैठक में भोपाल के योग सांसद डॉ. विनीत तिवारी को सर्वसम्मति से भारतीय योग संसद का अध्यक्ष चुना गया।

बैठक की शुरुआत देश के 15 से अधिक राज्यों से चयनित योग सांसदों के परिचय एवं स्वागत से हुई। अंतरिम अध्यक्ष डॉ. विनीत तिवारी ने सभी सदस्यों को संगठन के प्रमुख उद्देश्यों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। इन उद्देश्यों में प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारत को विश्व गुरु बनाने में योग की भूमिका को और अधिक सशक्त करना, योग को संवैधानिक दर्जा दिलाना, राष्ट्रीय योग नीति का निर्माण एवं उसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना, शिक्षित एवं प्रशिक्षित योगियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना तथा योग के माध्यम से एक आदर्श, स्वस्थ, सशक्त एवं आध्यात्मिक रूप से समृद्ध भारत का निर्माण करना।

बैठक के दौरान झांसी की योग सांसद डॉ. प्रगति सेठ ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा कि भारतीय योग संसद के अंतरिम अध्यक्ष डॉ. विनीत तिवारी जी , जिन्होंने इस पवित्र संगठन की कल्पना की , इसे जन्म दिया तथा प्रारंभिक चरण में अपने अथक परिश्रम से यहाँ तक पहुँचाया है , को भारतीय योग संसद का सर्वसम्मत अध्यक्ष चुना जाए। ताकि संगठन को एक सशक्त, दूरदर्शी एवं समर्पित नेतृत्व निरंतर मिलता रहे वहीं शहडोल से योग सांसद डॉ. श्याम सुंदर पाल, इंदौर की योग सांसद जागृति चौबे तथा अहमदाबाद पूर्व के योग सांसद डॉ. हर्षद सोलंकी ने भी डॉ. विनीत तिवारी को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। इन प्रस्ताव का समर्थन भावनगर के योग सांसद डॉ. आर.जे. जडेजा, देवास के योग सांसद नंदकिशोर सोनी, मुंबई पश्चिम के योग सांसद मधुसूदन मेहता, राजकोट के योग सांसद जयेश भाई दोषी रीवा की योग सांसद अमृता नामदेव, दिल्ली पश्चिम की योग सांसद शशि बाला शर्मा, मुंबई उत्तर पश्चिम की योग सांसद रितु खंडेलवाल, सिलचर के योग सांसद डॉ. काजल सरकार, होशंगाबाद के योग सांसद डॉ. श्याम सिंह, बेतूल-हरदा की योग सांसद ज्योति चौहान, बड़ोदरा के योग सांसद दुष्यंत मोदी, विदिशा की योग सांसद ममता वार्ष्णेय, जूनागढ़ की योग सांसद डॉ. वंदना मेहता, उज्जैन की योग सांसद वंदना सोनी, गुड़गांव की योग सांसद कल्पना शर्मा, मल्काजगीरी के योग सांसद डॉ. संजय सोलंकी, जबलपुर की योग सांसद सरला मिश्रा, ठाणे की योग सांसद के. सत्य ज्योति, अल्मोड़ा की योग सांसद लक्ष्मी नेगी, गुना की योग सांसद प्रीति अर्पित शर्मा, जामनगर की योग सांसद अर्चना सिंह, खेड़ा की योग सांसद डॉ. फाल्गुनी शर्मा, बेंगलुरु उत्तर की योग सांसद आशु मिश्रा, राजगढ़ के योग सांसद आर.के. तिवारी, दमोह की योग सांसद सोनल शेव, गांधीनगर की योग सांसद पारुल पटेल, ग्वालियर की योग सांसद निधि शर्मा, खरगोन के योग सांसद सुरजन यदुवंशी, खंडवा के योग सांसद शैलेंद्र शर्मा, नासिक की योग सांसद डॉ. रश्मि रानडे, सिंहभूम की योग सांसद तरुणा नेवार, गढ़वाल के योग सांसद अमित नेगी, मंदसौर की योग सांसद डॉ. कविता चौबे, बनासकांठा के योग सांसद अभिराम दाना जी जोशी, छिंदवाड़ा की योग सांसद डॉ. संगीता पवार, भिंड की योग सांसद डॉ. रूचि शुक्ला, भिवानी महेंद्रगढ़ के योग सांसद डॉ. नरेंद्र सिंह, जम्मू के योग सांसद डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय, टोंक-सवाई माधोपुर के योग सांसद मदनलाल गुर्जर तथा अन्य कई योग सांसदों ने किया। बाकी सभी उपस्थित योग सांसदों ने हाथ उठाकर इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की। इस प्रकार डॉ. विनीत तिवारी भारतीय योग संसद के अध्यक्ष के रूप में सर्वसम्मति से निर्वाचित हो गए।

डॉ. विनीत तिवारी के इस ऐतिहासिक निर्वाचन पर सागर के योग सांसद ध्यानेंद्र सरस्वती विष्णु कुमार आर्य, बाहरी दिल्ली के योग सांसद विनोद कुमार नांदल, रायपुर की योग सांसद सोनल भारद्वाज, नैनीताल की योग सांसद डॉ. दीपा आर्या, पूर्वी दिल्ली के योग सांसद डॉ. ललित मोहन, पंचमहल की योग सांसद पल्लवी मेहता, सतना के योग सांसद मुकेश तिवारी, टिहरी गढ़वाल के योग सांसद राजेंद्र सिंह, औरंगाबाद की योग सांसद डॉ. वंदिता उपाध्याय तथा करनाल के योग सांसद विनय कोहली सहित अन्य सदस्यों ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

यह बैठक भारतीय योग संसद के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई । डॉ. विनीत तिवारी के कुशल, दूरदर्शी एवं समर्पित नेतृत्व में भारतीय योग संसद अब योग को राष्ट्रीय स्तर पर संवैधानिक मान्यता दिलाने, नीति निर्माण में योगदान देने तथा वैश्विक मंच पर इसे और अधिक मजबूती से स्थापित करने की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ेगी। योग के माध्यम से भारत को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प अब और दृढ़ हो गया है। भारतीय योग संसद योग की शक्ति से एक स्वस्थ, सशक्त एवं आदर्श भारत के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

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