डॉ. विनीत तिवारी ने शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों से दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की , सनातन आस्था पर प्रशासनिक प्रहार असहनीय


भोपाल– प्रयागराज माघ मेले के पवित्र स्नान पर्व मौनी अमावस्या को संगम तट पर घटी निंदनीय घटना ने पूरे सनातन समाज को आहत किया है। ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज अपनी परंपरागत पालकी पर शिष्यों सहित पवित्र स्नान के लिए जा रहे थे, तभी प्रशासन ने उनकी शोभायात्रा को रोक दिया । इससे पुलिस और शिष्यों के बीच तीव्र विवाद की स्थिति पैदा हुई । आरोप हैं कि पुलिस ने शिष्यों के साथ मारपीट की , बाल बटुकों को उनकी चोटी पकड़कर घसीटा तथा कई शिष्यों को हिरासत में लेकर चौकी में उनके साथ दुर्व्यवहार किया। परिणामस्वरूप, शंकराचार्य महाराज स्नान से वंचित रह गए और आहत होकर धरने पर बैठ गए।
अखिल भारतीय ज्योतिष महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विनीत तिवारी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सनातन धर्म के सर्वोच्च पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एवं उनके शिष्यों के साथ प्रयागराज माघ मेले में हुआ यह दुर्व्यवहार सनातन आस्था पर सीधा प्रहार है। प्रशासन का अहंकारपूर्ण रवैया हिंदू समाज सहन नहीं करेगा। परंपरागत पालकी यात्रा रोकना और शिष्यों से मारपीट करना धर्म की गरिमा का अपमान है। हम घोर निंदा करते हैं तथा मांग करते हैं कि दोषी अधिकारियों पर
कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो और प्रशासन शंकराचार्य जी से लिखित में माफी मांगे ।
यह घटना सनातन धर्म की सर्वोच्च आस्था पर सीधा आघात है। जहां करोड़ों श्रद्धालु मौन रहकर स्नान करते हैं, वहां धर्मगुरु के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार असहनीय है। वहीं अखिल भारतीय ज्योतिष महासंघ दिल्ली की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अल्पना मिश्रा , भोपाल के जिला अध्यक्ष आचार्य गंगा प्रसाद शास्त्री एवं महिला शक्ति अध्यक्ष पूजा नितेश दुबे ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि इस घटना के दोषी लोगों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए ।



