एजुकेशनमध्य प्रदेश

शैक्षणिक नेतृत्व भारतीय समाज के गुणोत्तर विकास मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है  – कृष्णा गौर

शैक्षणिक उत्कृष्टता को समर्पित 'अकादमिक लीडर समिट' में शिक्षा नेतृत्व का किया गया सम्मान

भोपाल। प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, भोपाल द्वारा  21 दिसंबर को आयोजित अकादमिक लीडर समिट शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता, नवाचार और नेतृत्व को समर्पित एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में संपन्न हुई। इस गरिमामयी समिट में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 150 से अधिक प्राचार्य, उप-प्राचार्य एवं स्कूल प्रबंधकों ने सहभागिता की और शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर मंथन किया। समिट की मुख्य अतिथि भोपाल भाजपा विधायक एवं म प्र शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भारत की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह नीति विद्यार्थियों में कौशल विकास, नवाचार, आलोचनात्मक सोच और भारतीय मूल्यों को सशक्त करती है।” उन्होंने शिक्षण संस्थानों से आह्वान किया कि वे NEP को प्रभावी रूप से लागू कर शिक्षा को रोजगारोन्मुख और समाजोपयोगी बनाएं।

कार्यक्रम की मेजबानी करते हुए प्रेस्टीज भोपाल के चेयरमैन श्री हिमांशु जैन ने सभी शिक्षाविदों का स्वागत करते हुए कहा कि “आज का शैक्षणिक नेतृत्व ही कल के भारत का स्वरूप तय करेगा। जब प्राचार्य और शिक्षक नवाचार, समर्पण और दूरदृष्टि के साथ कार्य करते हैं, तभी संस्थान अकादमिक उत्कृष्टता की पहचान बनते हैं।” उन्होंने शिक्षकों को परिवर्तन का अग्रदूत बताते हुए निरंतर सीखने और नेतृत्व विकसित करने का संदेश दिया।

ग्रुप डायरेक्टर डॉ. अनिल बाजपेई ने अपने स्वागत वक्तव्य में प्रेस्टीज समूह की शैक्षणिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्थान शिक्षा में गुणवत्ता, अनुसंधान और नेतृत्व विकास को सदैव प्राथमिकता देता रहा है।

समिट का प्रमुख आकर्षण चर्चा एवं ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र रहा, जिसमें विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने इस विषय पर गहन विचार-विमर्श किया कि अकादमिक गुणवत्ता कैसे बढ़ाई जाए, शिक्षण-पद्धतियों को अधिक प्रभावी कैसे बनाया जाए तथा NEP 2020 किस प्रकार पाठ्यक्रम संरचना, मूल्यांकन प्रणाली और शिक्षक-वि‌द्यार्थी संबंधों को सुदृढ़ कर सकती है। प्रतिभागियों ने अनुभव साझा करते हुए नवाचार आधारित शिक्षण, कौशल-केंद्रित शिक्षा और डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर प्रेस्टीज भोपाल द्वारा सभी प्राचार्यों एवं उप-प्राचार्यों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए विशेष सम्मान एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। यह सम्मान उन शिक्षा नेताओं को समर्पित रहा जिन्होंने अपने संस्थानों में अनुशासन, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता के उच्च मानक स्थापित किए हैं।

कार्यक्रम में डॉ. अभिलाष ठाकुर (डीन, एडमिनिस्ट्रेशन), डॉ. एम.डी. इलियास खान (प्राचार्य, प्रेस्टीज इंजीनियरिंग, भोपाल), डॉ. रेनू यादव (प्राचार्य, प्रेस्टीज फार्मेसी), डॉ. एम.सी. शर्मा (प्राचार्य, प्रेस्टीज एजुकेशन) सहित लगभग 100 से अधिक फैकल्टी सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने इस समिट को शैक्षणिक उत्कृष्टता, नेतृत्व विकास और नीति आधारित सुधारों की दिशा में एक प्रभावशाली पहल बताया। प्रेस्टीज भोपाल का यह आयोजन शिक्षा जगत में सकारात्मक परिवर्तन लाने और भविष्य की शिक्षा को अधिक सशक्त, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

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