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भारत-बांग्लादेश संबंध सुधारने की कोशिश: भारतीय राजदूत ने BNP अध्यक्ष से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में हाल के दिनों तनाव देखने को मिला है। इसका बड़ा कारण बांग्लादेश में लगातार अल्पसंख्यकों पर हो रहा अत्याचार भी है। भारत ने हमेशा से ही इन घटनाओं का विरोध जताया है। बहराल दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में इन दिनों कई कारणों से तनाव का माहौल है। इसी दौरान दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक बातचीत को मजबूत करने के लिए बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त प्रणय कुमार वर्मा ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच आपसी संबंध और सहयोग के मुद्दे पर चर्चा हुई। बता दें कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते में इन दिनों तनाव देखने को मिला है। इसका बड़ा कारण बांग्लादेश में लगातार अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार है। इससे पहले शुक्रवार को विदेश मंत्रायल ने भी बांग्लादेश में हो रहे अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की नींदा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम लगातार देख रहे हैं कि चरमपंथियों की ओर से अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर बार-बार हमले हो रहे हैं।जायसवाल ने उत्पीड़न पर जताई चिंता
जायसवाल ने कहा कि यह चिंताजनक सिलसिला है। ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं से तत्काल और सख्ती से निपटना जरूरी है। ऐसी घटनाओं को व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता, राजनीतिक मतभेद या बाहरी कारणों से जोड़ने की प्रवृत्ति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अनदेखी अपराधियों को और भी बेखौफ बनाती है और अल्पसंख्यकों के बीच खौफ और असुरक्षा की भावना को और गहरा करती है।

बांग्लादेश में छह हिंदुओं की हत्या
गौरतलब है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उस्मान हादी की हत्या के बाद भड़की हिंसा में 18 दिनों में 6 हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। इनमें से दो हत्याएं बीते 24 घंटे में अंजाम दी गई हैं। हैरान करने वाली बात है कि इन हत्याओं के बावजूद बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही है।

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