गणतंत्र दिवस परेड में मध्यप्रदेश के आठ एनएसएस स्वयंसेवक करेंगे सहभागिता


भोपाल। भारत अपने गणतंत्र के अमृत काल में प्रवेश कर चुका है। इस वर्ष देश 77वाँ गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड का मुख्य आकर्षण मार्च पास्ट रहेगा। इस अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भाँति राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के लगभग 200 स्वयंसेवक पूरे देश से चयनित होकर राष्ट्रपति को सलामी देंगे। मध्यप्रदेश से इस वर्ष आठ स्वयंसेवकों का चयन हुआ है, जो प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। इनमें बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल से चार स्वयंसेवक — रिमी शर्मा, आदित्य गौर, आशा वरकड़े एवं प्रज्ञा सक्सेना; जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर से दो स्वयंसेवक — अंतरा चौहान एवं विनोद कुमार सेन; महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर से संजय कुमार रजक तथा विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन से महेश चौहान शामिल हैं। ये सभी स्वयंसेवक 1 जनवरी से 31 जनवरी तक नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस परेड शिविर में सहभागिता करेंगे तथा 26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ, नई दिल्ली पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में मार्च पास्ट करेंगे। इस दौरान वे न केवल परेड की कठोर अनुशासनात्मक प्रशिक्षण प्रक्रिया से गुजरेंगे, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सेवा और समर्पण की भावना को भी आत्मसात करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पूर्व इस दल ने अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन अनुपम राजन, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त प्रबल सिपाहा, क्षेत्रीय निदेशालय, भोपाल के उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी मनोज कुमार अग्निहोत्री, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनंत कुमार सक्सेना तथा ईटीआई प्रशिक्षक एवं मुक्त इकाई कार्यक्रम अधिकारी श्री राहुल सिंह परिहार एवं युवा अधिकारी श्री राजकुमार वर्मा से भेंट की। गणमान्यों ने स्वयंसेवकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह अवसर न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश के ये युवा स्वयंसेवक गणतंत्र दिवस परेड में अनुशासन, समर्पण और सेवा भाव का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम देशभर में रोशन करेंगे। साथ ही, सभी चयनित स्वयंसेवकों को ट्रैकसूट वितरित किए गए।



