
अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के मालिकाना हक वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स को भारत सरकार ने कड़े निर्देश दिए हैं। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए अश्लील और गैरकानूनी कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया है। जानिए क्या है पूरा मामलाकेंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सख्त नोटिस जारी किया है। अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की कंपनी- एक्स से जुड़े इस मामले में भारत सरकार ने कड़े निर्देश देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल किए जा रहे अश्लील और गैरकानूनी कंटेंट को हटाने को कहा है। दो जनवरी को जारी इस आदेश में कहा गया है कि एक्स के एआई एप ग्रोक का इस्तेमाल कर बनाए गए कंटेंट तुरंत हटाने होंगे। ऐसा न करने पर कंपनी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। एक्स पर लगे आरोपों का संज्ञान लेते हुए सरकार ने भारत में एक्स के मुख्य अनुपालन अधिकारी (Chief Compliance Officer ) को नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि एक्स वैधानिक रूप से उचित दायित्वों का पालन करने में विफल रहा है।नियम-कानून को ठेंगा दिखा रही कंपनी, सरकार ने जताई नाराजगी
सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया नैतिकता संहिता) नियम, 2021 (Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021) और सूचना प्रौद्योगिकी कानून, 2000 (Information Technology Act, 2000) के तहत नियमों के उल्लंघन पर भी कड़ा एतराज जताया है।
यूजर्स खुलेआम कर रहे एआई का दुरुपयोग
जब एलन मस्क ने ग्रोक को लॉन्च किया था, तब उन्होंने गर्व से कहा था कि उनके एआई पर अन्य टूल्स (जैसे चैटजीपीटी या जेमिनी) की तरह सख्त पाबंदियां नहीं होंगी। लेकिन अब यही आजादी महिलाओं के लिए खतरा बन गई है। यूजर्स खुलेआम एआई पर उपलब्ध अन्य यूजर्स की तस्वीरों को ग्रोक एआई से मॉर्फ (छेड़छाड़) करवा रहे हैं।
विवादों से है पुराना नाता
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के एआई टूल- ग्रोक पर अश्लीलता फैलाने के आरोप लगे हैं। इससे पहले खबर आई थी कि ग्रोक को ट्रेनिंग देने वाले कर्मचारियों को बच्चों के यौन शोषण (CSAM) जैसे भयावह कंटेंट को देखने के लिए मजबूर किया गया था। साथ ही, ग्रोक के कंपैनियन मोड (Companion Mode) को भी इसकी अत्यधिक आपत्तिजनक बनावट और व्यवहार के कारण काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के एआई टूल- ग्रोक पर अश्लीलता फैलाने के आरोप लगे हैं। इससे पहले खबर आई थी कि ग्रोक को ट्रेनिंग देने वाले कर्मचारियों को बच्चों के यौन शोषण (CSAM) जैसे भयावह कंटेंट को देखने के लिए मजबूर किया गया था। साथ ही, ग्रोक के कंपैनियन मोड (Companion Mode) को भी इसकी अत्यधिक आपत्तिजनक बनावट और व्यवहार के कारण काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी।

