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मीलों दूर रहकर भी दिल में भारत: हिंदीयूएसए का प्रयास बना प्रेरणा

अमेरिका में जन्मे बच्चों की ज़ुबान पर हिंदी: सेंट लुईस में विरासत का उत्सव हिंदी, संस्कार और स्वाभिमान: यूएसए में भारतीय संस्कृति का जीवंत उदाहरण शिक्षा से संस्कृति तक: हिंदीयूएसए का सांस्कृतिक संकल्प

भारतीय समयानुसार रात को 9 बजे अमेरिका के सेंटलुइस में दिन के सबेरे लगभग 10 बजे हिंदीयूएसए सेंटलुईस संस्था द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन होता हे जिसमे 130 से अधिक रंग विरंगे कपड़ो में हर उम्र के बच्चे हिंदी में कविता पाठ स्टार्ट करते हैं तो ऐसा लगता हे की आप किसी भारतीय स्कूल में यह उत्कृस्ट प्रर्दशन को देख रहे है। आपको यह लगेगा ही नहीं की यह सभी बच्चे अमेरिका जैसे देश में रखकर इतनी शुद्ध हिंदी का उच्चारण और स्वरचित कविता पाठ कर रहे है। बच्चों को जिनमें से ज़्यादातर अमेरिका में ही पैदा हुए हैं इतने जोश और गर्व के साथ अपनी विरासत की भाषा सीखते और अपनाते हुए देखना सच में बहुत प्रेरणादायक था यह कहना हे एनआईटीटीटीआर भोपाल के प्रो पी.के. पुरोहित डीन कार्पोरेट एंड इंटरनेशनल रिलेशन्स का वे इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जुड़े थे। यह दृश्य केवल उत्सव का नहीं था, बल्कि भारतीय संस्कृति की उस अनमोल परम्परा का पाठ भी था जिसमें हिंदीयूएसए सेंटलुईस वर्षों से समर्पण भाव से कार्य कर रही हे। इस अवसर पर अनेक संस्थाओं के शीर्ष नेतृत्व, निर्णायकगण एवं विशिष्ट अतिथि के रुप में जुड़े। यूएसए में बच्चों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ना हमेशा सरल नहीं होता। लेकिन ऐसे अवसर ही हमारे लिए उदाहरण बनते हैं कि हम इन गतिविधियों के माध्यम से, विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति सिखायें!
हिंदी स्कूल ऑफ़ यूएसए एवं हिंदी यूएसए संस्था के संस्थापक मयंक जैन एवं डॉ अंशु जैन के अनुसार हमारी यह संस्था अमेरिका में जन्मे और पल बढ़ रहे बच्चों को भारत की सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराने के लिए भारत भेजता हैं जो यहाँ आकर वाराणसी ,अयोध्या,उदयपुर ,मथुरा जैसे धार्मिक एवं कई अन्य भारतीय विरासत से जुड़े स्थानों पर भ्रमण कर भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा से परिचित हो सकें एवं उस पर गर्व करें। हमारी संस्था के साथ अधिकतर इंजीनिअर्स जुड़े हैं जो भारत के बिभिन्न शहरों से आकर यहाँ नौकरी कर रह रहें हैं जो यहाँ स्वेच्छा से बच्चो को हिंदी एवं भारतीय संस्कृति के शिक्षण का कार्य करते हैं। हम यहाँ भारतीय त्यौहार,प्रमुख महापुरषों के दिवस, एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं जिसमे सभी की सहभागिता होती हे। श्री मयंक जैन के इस संस्था से जुड़े शिक्षकों को औपचारिक रूप से ट्रेनिंग दिलाने के अनुरोध पर एनआईटीटीटीआर भोपाल के निदेशक प्रो. सी. सी. त्रिपाठी ने कहा की भारतीय संस्कृति और हिंदी भाषा की वैश्विक पहचान जैसे पुण्य कार्य में लगी इस संस्था के लिए हमारा संस्थान हर सहयोग में अपने आपको गौरवशाली मानेगा।

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