पतंग उत्सव जैसे आयोजन लोक संस्कृति को मजबूत करते हैं। भगवानदास सबनानी


14 जनवरी भोपाल – मकर संक्रांति का मतलब सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक गहरा अहसास और परंपराओं का संगम है। उसी परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए भारतीय सिन्धू सभा, सिन्धी मेला समिति एवं स्वरांजलि संगीत शाला के संयुक्त तत्वावधान में मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर भव्य पतंग उत्सव एवं पारिवारिक पिकनिक समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यकम के मुख्य अतिथि भारतीय सिंधु सभा के संरक्षक व विधायक भगवानदास सबनानी विशेष रूप से सपरिवार उपस्थित रहे।
पतंगोत्सव कार्यकम की विस्तृत जानकारी देते हुए सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी ने बताया कि मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर मनुआभान टेकरी का दृश्य अलग ही देखने योग्य था चारों तरफ़ आसमान में सतरंगी पतंगों का हुजूम दिखाई दे रहा था। पतंग उत्सव कार्यक्रम में पतंगबाजी के साथ ही लाइव ऑर्केस्ट्रा की धुनों के साथ सुरों की महफिल भी संजी, साथ ही महिलाओं और बच्चों के लिए चेयर रेस, फन क्वीज़, स्वादिष्ट व्यंजन और कई रोचक गेम्स भी आयोजित किए गए। मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर समिति द्वारा पौधारोपण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। साथ ही उपस्थित लोगो को समिति की और से आकर्षक उपहार भी प्रदान किए गए।
इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी ने सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है। पतंग उत्सव जैसे आयोजन लोक संस्कृति को मजबूत करते हैं, रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देते है। इस अवसर पर उन्होंने सभी लोगों को तील के लड्डू खिलाकर मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी।
आयोजन में सिंधी मेला समिति के महासचिव नरेश तलरेजा कार्यक्रम के संयोजक हरीश मेघानी, हरीश चांदवानी राम आसुदानी सहित समाज के वरिष्ठ मनोहर ममतानी डलवानी कार्यक्रम में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया सीमा सबनानी माया पंजवानी सरला वन्दना दुलानी मीना भागचंदानी रेखा कमल भावना लालवानी सिया दीपांशी सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



