विश्व कल्याण हेतु राजधानी भोपाल के समीप फंदा, स्थित ग्राम टीला खेड़ी में शपथ दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा



श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के द्वितीय दिवस के अवसर पर प्रयागराज से पधारे कथा व्यास आचार्य कुलदीप मिश्रा जी कथा श्रवण करवाते हुए महाराज श्री ने कहा की हर मानव को भगवान की भक्ति ध्रुव जी जैसी होनी चाहिए ध्रुव जी ने बाल्यावस्था में बड़ा ही संघर्ष में तपस्या की और अपनी गुरु की बातों का अनुसरण किया महाराज श्री ने कहा भक्त ध्रुव 5 वर्ष की आयु में निश्चित करके घर से निकले कि हमें परमात्मा की प्राप्ति करनी है संघर्ष के प्रथम महीने में कैथ और बैर हर 3 दिन में खाकर पूर्ण एक महीने तपस्या की दूसरे मास में हर 6 दिन में सूखे पत्ते और घास खाकर मंत्र जाप किया तीसरे महीने में नो नो दिन में जल ग्रहण करके तपस्या की चौथी मास में हर 12 दिन में वायु भक्षण करके नारद जी के बताए हुए मंत्र ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप किया पांचवे महीने में एक पाव से खड़े होकर श्वास की गति को रोक कर भगवान का आराध्या किया तभी हमारे प्रभु प्रसन्न होकर खुद चलकर भक्त ध्रुव के पास आए और ध्रुव जी को आशीर्वाद दिया और 36000 वर्षों तक इस धरा धाम पृथ्वी पर राज्य करोगे उसके बाद सबसे उत्तम लोग ध्रुव लोक प्राप्त होगा और वह आज भी ध्रुव तारे के नाम से जाना जाता है महाराज श्री ने कहा इस संसार में जो भी मानव निस्वार्थ भाव से प्रभु की आराधना करता है और संसार के कल्याण के लिए कार्य कर्ता है साक्षात्कार प्रभु उसे इसी जन्म में मिल जाते हैं महाराज श्री ने बताया कि यह श्रीमद् भागवत कथा 15 नवंबर तक चलेगी ग्राम नरेला, मुडला, छोटी कुलास-बड़ी कुलास सभी आसपास के क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में कथा सुनकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं महाराज श्री ने बताया कि 15 नवंबर को कथा विश्राम व भंडारा किया जाएगा इस आयोजन में परीक्षित के रूप में समिति के अध्यक्ष अर्जुन वर्मा अपनी धर्मपत्नी अनुराधा वर्मा के साथ में बैठकर कथा श्रवण कर रहे हैं



