फॉर्मूला भारत 2026 में टीम इनफिनिटी रेसर्स की ऐतिहासिक उपलब्धि
टीम इनफिनिटी रेसर्स ने फॉर्मूला भारत 2026 में सेंट्रल इंडिया की पहली टीम बनकर कारी मोटर स्पीडवे पर एंड्यूरेंस इवेंट में भाग लिया और 9वाँ स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर टीम की तकनीकी क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक उत्कृष्टता को दर्शाती है। टीम इनफिनिटी रेसर्स, यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, आरजीपीवी भोपाल के ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग विभाग का आधिकारिक छात्र तकनीकी क्लब है। इस यात्रा में टीम को डॉ. अलका बानी अग्रवाल, विभागाध्यक्ष (ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग), तथा निदेशक महोदय प्रो. एस. एस. भदौरिया का निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।


यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, आरजीपीवी भोपाल का प्रतिनिधित्व करते हुए टीम इनफिनिटी रेसर्स ने फॉर्मूला भारत 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसे हमेशा गर्व के साथ याद किया जाएगा। फॉर्मूला भारत हर वर्ष कोयंबटूर, तमिलनाडु में आयोजित होने वाला भारत का सबसे प्रतिष्ठित और गौरवपूर्ण इंजीनियरिंग मोटरस्पोर्ट इवेंट है, जहाँ देशभर के युवा इंजीनियर अपनी तकनीकी क्षमता, नवाचार और टीमवर्क का प्रदर्शन करते हैं। टीम ने मैकेनिकल इंस्पेक्शन, टिल्ट टेस्ट, नॉइज़ टेस्ट और ब्रेक्स टेस्ट को सफलतापूर्वक पास किया, जो उनकी बेहतरीन इंजीनियरिंग, तैयारी और आत्मविश्वास को दर्शाता है।
इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाता है यह तथ्य कि टीम इनफिनिटी रेसर्स सेंट्रल इंडिया की पहली टीम बनी जिसने कारी मोटर स्पीडवे पर एंड्यूरेंस इवेंट में अपनी कार को रेस कराया, जहाँ टीम ने 9वाँ स्थान हासिल किया और कई प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IITs और NITs की टीमें सभी परीक्षण पूरे नहीं कर पाईं। फॉर्मूला स्टूडेंट प्रतियोगिताओं में एंड्यूरेंस तक पहुँचना ही कई टीमों का सपना होता है, और उस सपने को साकार करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
फॉर्मूला भारत का मैकेनिकल इंस्पेक्शन सबसे कठिन चरणों में से एक माना जाता है। यह केवल नियमों का पालन ही नहीं, बल्कि वाहन की सुरक्षा, डिज़ाइन और इंजीनियरिंग की गहराई की भी परीक्षा लेता है। टीम इनफिनिटी रेसर्स ने इस चुनौती को पार करने के बाद एक कदम आगे बढ़ते हुए अपनी कार को ट्रैक पर उतारा और उसकी परफॉर्मेंस व विश्वसनीयता को सिद्ध किया।
यह कार केवल एक वाहन नहीं थी, बल्कि टीम के हर सदस्य का सपना और महत्वाकांक्षा थी—चाहे वह दूसरे वर्ष के छात्र हों या अंतिम वर्ष के अनुभवी इंजीनियर। हर छोटे-बड़े सदस्य ने इस कार को बनाने में अपना दिल और दिमाग लगाया। यह कार जुनून, समर्पण और अथक मेहनत से बनी है।
यह सफर आसान नहीं था। रास्ते में कई तकनीकी समस्याएँ, समय की कमी और कठिन परिस्थितियाँ आईं, लेकिन टीम ने कभी हार नहीं मानी। खून, पसीना और आँसू इस कार में लगे हैं, और उनका फल कारी मोटर स्पीडवे के ट्रैक पर कार को दौड़ते हुए देखने के रूप में मिला।
टीम इनफिनिटी रेसर्स गर्व के साथ यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, आरजीपीवी भोपाल का प्रतिनिधित्व करती है। यह उपलब्धि केवल एक प्रतियोगिता की सफलता नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि जब युवा इंजीनियर एक लक्ष्य के लिए एकजुट होते हैं, तो वे असंभव को भी संभव बना सकते हैं।
कारी मोटर स्पीडवे पर रेस करना इस यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक नए मानक की शुरुआत है। टीम इनफिनिटी रेसर्स ने सभी कठिनाइयों को पार करते हुए सफलता को अपने चमकीले रंगों में रंग दिया—संघर्ष, साहस और गर्व के रंगों में।


