श्री गणेशाय नमः सृष्टि कालक्रम, समस्त जगत की उत्पत्ति स्थिति लय,के,कारण श्री विष्णु जी के नाभि कमल से ब्रह्मा जी उत्पन्न होते हैं।चार युगों का एक महायुग होता है।जिसकी सौरमान, वर्ष संख्या 43 ,20 , 000 है।10 00 महायुग का एक कल्प होता है।
2 कल्प,का ब्रह्मा जी का एक अहोरात्र, होता है अर्थात एक कल्प का एक दिन और एक कल्प की एक रात्रि होती है।इस प्रकार 360 अहोरात्र 720 कल्प का एक, वर्ष ब्रह्मा जी का होता है।उपरोक्त अनुसार ब्रह्मा जी की आयु 100 वर्ष बराबर 72, 000 कल्प की होती है।
इस 2082 संवत्सर आरंभ में ब्रह्मा जी की आयु, 51 वर्ष व्यथित होकर 52 में वर्ष का प्रथम दिन(श्वेतवराह,कल्प) वर्तमान है। इस दिन 13 घटी, 42 पल, 3,विपल, एवं 43, 9731, 000 29 प्रति विपल व्यतीत हो चुके हैं। चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा रविवार दिनांक 30 मार्च 2025 तक।ब्रह्मा जी के 1 दिन में 14 मन्वंतर होते हैं।जिसमें 6 मनु, व्यतीत हो गए हैं सातवां,वैवस्वत, मन्वंतर चल रहा है।एवं 27 महायुगसमाप्त होकर, 28 वे महायुगा के,3, युग सतयुग त्रेता द्वापर व्यतीत हो गए हैं।चौथा यह कलयुग चल रहा है।सतयुग की उत्पत्ति कार्तिक शुक्ल नवमी बुधवार को हुई। जिसकी आयु 17, 28, 000 वर्ष की होती है।
जिसमें भगवान के मत्स्य कच्छप,वाराह और नृरसिंह यह चार अवतार हुए हैं।त्रेता युग वैशाख शुक्ल पक्ष 4 सोमवार को आरंभ हुआ, जिसकी आयु, 12,96, 000 वर्ष की होती है।इस युग में भगवान के वामन परशुराम श्री रामचंद्र यह तीन अवतार हुए हैं।द्वापर युग का आरंभ माघ मास कृष्ण पक्ष अमावस्या शुक्रवार को हुआ था। इस युग की आयु 8,64, 000 वर्ष की होती है। इसमें भगवान श्री कृष्णा और बलराम जी,दो, अवतार हुए।
कलयुग का आरंभ भाद्रपद कृष्ण पक्ष त्रयोदशी रविवार को अर्धरात्रि में हुआ। इस युग की आयु 4,32, 000 वर्ष की है। इस युग में भगवान के अवतार श्री बुद्ध और कल्कि निष्कलंक है। जिसमें श्री बुद्ध अवतार हो चुका है एवं कल्कि अवतार, कलयुग के 8:21 वर्ष शेष रहने पर संभल ग्राम में विष्णु यश ब्राह्मण के घर में होगा इस अवतार द्वारा दोस्तों का नाश होकर पृथ्वी पर विलुप्त धर्म की,पुनः स्थापना होगी। वर्तमान में कलयुग के 51 26 वर्ष व्यतीत हो चुके हैं।
पंडित गंगा प्रसाद आचार्य (धर्माचार्य)अखिल भारतवर्षीय धर्म संघ शाखा मध्य प्रदेश।
श्री परम शक्ति ज्योतिष परामर्श केंद्र नानक टेकरी ईदगाह हिल्स भोपाल मध्य प्रदेश
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