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आईसीआईसीआई बैंक ने वित्त वर्ष 2025 में समावेशी विकास पहलों के माध्यम से 1.89 करोड़ लोगों की ज़िंदगी बदली

मुंबई: आईसीआईसीआई बैंक सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लगातार मज़बूत कर रहा है, जैसा कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए उसकी पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) रिपोर्ट में दर्शाया गया है। बैंक ने स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों में अपनी सामाजिक पहल का विस्तार किया, जिससे वित्त वर्ष 2024-25 में 1.89 करोड़ लोगों तक पहुंच बनाई। वित्त वर्ष 25 में बैंक का कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड ₹801 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के ₹519 करोड़ से 54% अधिक है। यह बैंक की दीर्घकालिक सामुदायिक विकास के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सामाजिक पहल:
महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देते हुए बैंक ने वित्त वर्ष 25 में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से 10 लाख महिलाओं को सहयोग प्रदान किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक 1.1 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। इन पहलों ने महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराने, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थायी आय के अवसर सृजित करने में मदद की। इसके अतिरिक्त, कौशल विकास, कृषि और सूक्ष्म उद्यमों से जुड़े कार्यक्रमों से 91 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला, जिससे ग्रामीण आजीविका में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
आईसीआईसीआई बैंक ने स्वास्थ्य सेवाओं का भी विस्तार किया। 550 अस्पतालों के साथ साझेदारी में बैंक ने 4 लाख लोगों का इलाज करवाया, जिससे स्वास्थ्य लाभार्थियों की कुल संख्या 25 लाख से अधिक हो गई। दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रतिबद्धता के तहत बैंक ने टाटा मेमोरियल सेंटर को अपना सहयोग बढ़ाकर ₹1,800 करोड़ कर दिया है, जो पूरे भारत में तीन नए कैंसर अस्पताल स्थापित करने में मदद करेगा।

पर्यावरण संबंधी पहल:
पर्यावरण संरक्षण आईसीआईसीआई बैंक की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। वित्त वर्ष 25 में बैंक ने 3,387 करोड़ लीटर जल-संरक्षण क्षमता का निर्माण किया और 17,453 जलाशयों का पुनर्जीवन किया। इसके अलावा, 9,690 स्कूलों में वर्षा जल संचयन प्रणाली लागू की गई। बैंक ने वर्ष के दौरान 12 लाख पेड़ लगाए, जिससे वित्त वर्ष 22 से अब तक कुल 49 लाख पेड़ लगाए जा चुके हैं। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में वनीकरण और जैव विविधता संरक्षण परियोजनाओं में सक्रिय योगदान दिया गया। बिहार के गया ज़िले में परंपरागत आहर-पइन प्रणाली के पुनर्जीवन से 11,973 एकड़ कृषि भूमि को लाभ मिला, जबकि महाराष्ट्र में वाटरशेड विकास परियोजनाओं ने 1,295 एकड़ भूमि को बेहतर बनाने और 370 परिवारों को सहायता प्रदान करने में मदद की।

शासन और ईएसजी रणनीति:
आईसीआईसीआई बैंक लगातार अपने शासन ढांचे को मजबूत कर रहा है और ESG कारकों को अपने संचालन में शामिल कर रहा है। वित्त वर्ष 25 में बैंक ने ईएसजी जोखिम मूल्यांकन उपकरण को और अधिक क्षेत्रों तक विस्तारित किया और बड़े कॉर्पोरेट प्रस्तावों के लिए ऋण मूल्यांकन में ईएसजी मानदंडों को सम्मिलित किया। कठिन-से-कम होने वाले उद्योगों के लिए क्षेत्र-विशिष्ट ईएसजी विश्लेषण की शुरुआत ने इसकी स्थिरता पहलों को और मजबूत किया है। बैंक वित्त वर्ष 2032 तक स्कोप 1 और स्कोप 2 उत्सर्जन में कार्बन न्यूट्रल बनने के लिए प्रतिबद्ध है।

वित्त वर्ष 25 में आईसीआईसीआई बैंक की ईएसजी पहलों ने यह दर्शाया कि बैंक भारत में मजबूत सामुदायिक ढांचा बनाने, आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सुधारने और सतत विकास को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर समर्पित है। सामाजिक, पर्यावरणीय और शासन संबंधी पहलुओं को अपने संचालन में शामिल करके बैंक न केवल अपने हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित कर रहा है, बल्कि भारत की सतत प्रगति को सहयोग देने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

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