अंतरिक्ष का भविष्य गढ़ने में अब भारत की महत्वपूर्ण भूमिका – हरेंद्र नारायण
सारिका की स्पेस साइंस एक्जीबीशन का हरेंद्र नारायण ने किया उदघाटन

प्रदर्शनी मे स्पेस मॉडल बच्चों में बढ़ायेगे कुतुहल – हरेंद्र नारायण
सारिका ने बनाई प्राचीन ज्ञान से अनंत संभावनाओं को दर्शाती अंतरिक्ष विज्ञान प्रदर्शनी
अंतरिक्ष विज्ञान मे भारतीय सफलताओं को बताने वाली अंतरिक्ष विज्ञान चलित प्रदर्शनी का उदघाटन नगर निगम कमिश्नर श्री हरेंद्र नारायण ने किया । इस प्रदर्शनी में चंद्रयान वन से लेकर चंद्रयान -3 मंगलयान, आदित्य एलवन, अंतरिक्ष डॉकिंग एवं अनडॉकिंग के साथ ही एक्सिओम मिशन 4 में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अग्रणी भूमिका को 25 से अधिक मॉडल की मदद से दर्शाया गया । नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू द्वारा इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया ।
मुख्य अतिथि श्री हरेंद्र नारायण ने कहा कि प्रदर्शनी में शामिल स्पेस संबधी मॉडल बच्चों मे कुतुहल पैदा करने मे सहायक होंगे । जब किसी विषय को सामने देखकर उसके बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है तो वह इंटरनेट और मोबाईल पर देखी सामग्री से अधिक प्रभावशाली होती है । अगर ग्रामीण क्षेत्र के कुछ बच्चे भी इससे प्रेरणा लेकर स्पेस साइंस में अपना कैरियर बनाते हैं तो यह इस प्रदर्शनी की बड़ी उपलब्धि होगी ।
सारिका घारू ने बताया कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से यह बताया जा रहा है किअंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग पृथ्वी पर कृषि, आपदा प्रबंधन, देश रक्षा , शिक्षा , संचार आदि के लिए किया जा रहा है । यह प्रदर्शनी वे मध्यप्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में लेकर जायेंगी जहां कोई साइंस सेंटर नहीं है । इस प्रदर्शनी का निर्माण तथा आयोजन स्वयं के व्यय पर किया गया है ।
सारिका ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमो की जानकारी देते हुये बताया कि गगनयान भारत की पहली स्वदेशी मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान पहल है। इसके बाद 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना और 2040 तक भारतीय मानवयुक्त चंद्र लैंडिंग के लिये तैयारियां चल रही हैं । पिछले 11 वर्षों में इसरो ने 100 अंतरिक्ष प्रक्षेपण मिशन पूरे किये हैं।
प्रदर्शनी का आयोजन जवाहर बाल उद्यान शिवाजी नगर में किया गया ।
क्या है राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (नेशनल स्पेस डे) –
चंद्रयान -3 मिशन ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर विक्रमलैंडर की सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग पूरी की ।इसके बाद प्रज्ञान रोवर की सफल तैनाती हुई । भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बन गया । इस उपलब्धि पर 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस घोषित किया गया । हम अपना दूसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मना रहे हैं ।
प्रदर्शनी मे प्रदर्शित प्रमुख मॉडल –
एक्सिओम मिशन 4 में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अग्रणी भूमिका
पहली स्वदेशी मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान- गगनयान
भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) की स्थापना योजना
भारतीय मानवयुक्त चंद्र लैंडिंग योजना
आदित्य एल-1
स्पैडेक्स से अंतरिक्ष डॉकिंग और सर्विसिंग
कक्षीय पुनःप्रवेश वाहन
मंगल ऑर्बिटर मिशन
चंद्रयान 1 से लेकर चंद्रयान 3 की उपलब्धियां
चंद्रयान -4 तथा चंद्रयान -5 की तैयारी
भू-स्थिर उपग्रह (जीसैट)-एन2-उच्च क्षमता वाला संचार उपग्रह :
एंटी-सैटेलाइट मिसाइल ‘मिशन शक्ति’ का सफल परीक्षण
अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान (एनजीएलवी)