



ईरान के राजदूत डॉ मोहम्मद फथाली ने मंगलवार को एएनआई के साथ बातचीत में कहा, ईरान में स्थिति नियंत्रण में है. इस्लामिक गणराज्य में भारतीय नागरिकों को कोई खतरा नहीं है. फथाली ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी मीडिया और बाहरी तत्वों ने घटनाक्रम को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने और भ्रामक बयानबाजी को फैलाने की कोशिश की है. विरोध प्रदर्शन को अशांति और हिंसा के रूप में पेश किया जा रहा है. ईरानी राजदूत का बयान ठीक एक दिन बाद आया है, जब भारत ने ईरान में भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी किया है.
भारत ने अपने नागरिकों से सोमवार को आग्रह किया है कि वे विरोध प्रदर्शनों से प्रभावित ईरान की गैर जरूरी यात्राओं से बचें. खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को लेकर ईरान में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिससे देश बुरी तरह प्रभावित है. विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा, हाल के घटनाक्रम को देखते हुए, भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है. ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों और पीआईओ को उचित सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए और समाचारों के साथ-साथ तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट तथा सोशल मीडिया पर भी बारीकी से नजर रखनी चाहिए. विदेश मंत्रालय ने ईरान में निवास वीजा पर रह रहे भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि अगर उन्होंने दूतावास में पहले से पंजीकरण नहीं करवाया है तो वे अब इस काम को पूरा कर लें.
ईरान में जारी विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है और 1200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. ईरान सरकार ने देश के पश्चिमी प्रांत ईलम में हिंसा की बात स्वीकार की है, जहां सुरक्षाबलों ने एक अस्पताल पर कथित तौर पर धावा बोला और आम नागरिकों पर गोलीबारी भी की. अमेरिका की ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ ने बताया कि ईरान के 31 प्रांतों में से 27 में 250 से अधिक स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. उसने बताया कि इन विरोध-प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 29 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और ईरानी सुरक्षा बल के दो सदस्य मारे गए हैं