भगवत कृपा से ही शिव पुराण कथा कराना संभव- पं. व्यास




भोपाल| ग्रस्थ जीवन के सभी उत्तरदायित्वों को पूरी कर्तव्यनिष्ठा से निभाते हुए ग्रस्थ व्यक्ति जब शिव भक्ति में लीन होता है और धीरे- धीरे यह भक्ति जब अपने चरम पर पहुंचती है तब भगवान की कृपा नहीं अतिकृपा होती है तब ऐसे व्यक्तित्व को भोलेनाथ अवसर देते हैं शिवपुराण कथा का आयोजन करने एवं सैकड़ो लोगों को कथा श्रवण कराने का|
उक्त उद्गार आज बालाजी भक्त परिवार के द्वारा अयोध्या नगर में कराई जा रही सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का प्रारंभ करते हुए वृंदावन से पधारे पंडित रमाकांत व्यास ने व्यक्त किये| उन्होंने सुंदरकांड में की चौपाई “कपी उठाई प्रभु हृदय लगवा कर गही परम निकट बैठावा” का उल्लेख करते हुए कहा कि हनुमान जी को भी श्री राम ने निकट नहीं परम निकट अर्थात हृदय में बिठाया था तब से ही हनुमान जी सदा के लिए अटल भक्ति में सराबोर हो गए यही भाग्य आज यहां कथा करा रहे आयोजकों का उदय हुआ है| प्रातः काल श्री राम जानकी मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई जो विभिन्न मार्गो से होती हुई कथा स्थल पर पहुंची यहां सजाई गई द्वादश ज्योतिर्लिंगों का पूजन किया गया| कथा के प्रारंभ में व्यासपीठ का पूजन जगदीश गुप्ता, सुनील गुप्ता, पंडित गिरीश शर्मा राजेश निखरा, प्रभात सोनी आदि ने किया कथा प्रतिदिन प्रात 2 बजे से 5:30 बजे तक होगी|



