समरसता का पर्व मकर संक्रांति मिलन समारोह विभिन्न खेल प्रतियोगिता, मनोरंजन एवं दही-चूड़ा-तिलकुट सहभोज के साथ संपन्न


भोपाल। बिहार सांस्कृतिक परिषद द्वारा रविवार 19 जनवरी को समरसता का पर्व मकर संक्रांति मिलन समारोह सरस्वती मंदिर प्रांगण में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। सांस्कृतिक विकास एवं समाज सेवा की भावना से वर्ष 1960 में बिहार सांस्कृतिक परिषद् , भोपाल का उदय हुआ जो भेकनिस, भेल, भोपाल से संबद्ध पूर्णतः गैर राजनैतिक एवं म.प्र. शासन से पंजीकृत संगठन है। परिषद, बिहार की सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक रीति रिवाजों को संजोने, विकसित करने के साथ समाज सेवा का महती कार्य कर रही हैं।
संयोजक सतेन्द्र कुमार ने बताया कि मकर संक्रांति मिलन समारोह के कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओ एवं पुरुषों के मनोरंजन हेतु विभिन्न खेल प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया तथा विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति के उत्सव हिन्दू समाज के लिए समरसता का घोतक है जो उत्तर भारत के साथ ही देश भर में विभिन्न नमो से मनाई जाती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर महाप्रबंधक बीएचईएल राजेश कुमार सिंह ने किया उन्होंने तीन फरवरी, वसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित भव्य सरस्वती पूजनोत्सव एवं विशाल भंडारा के कार्यक्रम में सभी सदस्यों से सहयोग की अपील किया। कार्यक्रम में संजय साह, सुरुचि कुमार, बसंत कुमार, परमानंद गिरी, रामनंदन सिंह, अनिल कुमार, प्रभात कुमार, सीताराम साह, अंजनी सिंह, निर्भय कुमार, अमित शर्मा, अरुण विश्वकर्मा, आर एन शर्मा, धर्मेन्द्र कुमार, आर के प्रसाद, दिनेश सिंह, आर बी प्रसाद, हरिशंकर प्रसाद, अनंत साहू, योगेश्वर प्रसाद एवं परिषद के गणमान्य सदस्यों ने सहयोग प्रदान किया। इस त्योहार के सहभोज हेतु प्रमुख रूप से देशी कतरनी चुड़ा, तिलकुट एवं भूरा मगध बिहार से मंगाई गई थी। इस गरिमामय कार्यक्रम के आयोजन में भोजपुरी, मगही, मैथली भाषी लगभग 500 की संख्या में सामाजिक लोग शामिल हुए।


