सिंधी समाज की समृद्ध संस्कृति, कला और विरासत को प्रदर्शित करता मातृभाषा पर्व : मनीष दरयानी
मातृभाषा के सम्मान से संस्कार और परंपराओं को मिलता है मान : दयरानी;मातृभाषा समारोह 2026 का हुआ भव्य शुभारंभ





भोपाल। राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में शुक्रवार को तीन दिवसीय का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में देश के 18 भाषायी परिवारों की सहभागिता देखने को मिली, इसके साथ ही विभिन्न भाषायी समाजों की प्रदर्शनियां, प्रस्तुतियां एवं स्टॉल उनकी गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। साथ ही इस समारोह की विशेषता यह रही कि इसमें भोपाल में निवासरत लगभग 18 भाषायी परिवार अपनी-अपनी मातृभाषाओं की सांस्कृतिक झलक भेल दशहरा मैदान के विशाल प्रांगण में प्रस्तुत की। इसी समारोह के अंतर्गत सिंधी समाज के समावेश को भी पूर्ण रूप से इस कार्यक्रम में प्रस्तुत किया गया। जिसमे जहान्वी मितेश ( मोटू ) किशनानी द्वारा दाल पकवान, कड़ी चावल, साई भाजी, दही कोकी, का स्टाल लगाया जिसे उपस्थित ने काफ़ी जायदा पसंद किया गया, साथ ही सिंधी सांस्कृतिक विरासत पर आधारित प्रदर्शनियाँ भी दर्शकों के लिए पहले दिन पूरी तरह आकर्षण का केंद्र रही। इसी क्रम में 31 जनवरी को मंच के माध्यम से सिंधी समाज की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ साथ भगवान झूलेलाल जी को समर्पित एवं विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। इसके अलावा मोहित शेवानी एवं साथियों द्वारा गाथा प्रभु श्री राम की विशेष प्रस्तुति इस मातृभाषा समारोह में प्रस्तुत की जाएगी। इसी तरम्मय में सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी ने समाज के सभी लोगों से इस महोत्सव में सक्रिय सहभागिता की अपील की है, ताकि भारत की भाषायी विविधता और सांस्कृतिक एकता को और अधिक मजबूती मिल सके।


