निफ्ट भोपाल ने भव्य समारोह के साथ 41वाँ स्थापना दिवस मनाया


नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट), भोपाल ने आज देशभर के निफ्ट परिसरों के साथ मिलकर 41वाँ निफ्ट स्थापना दिवस मनाया। भारत में चार दशकों से अधिक समय से फैशन शिक्षा में अग्रणी भूमिका निभाने की स्मृति में, भोपाल परिसर में कला, संस्कृति और विरासत का जीवंत आयोजन किया गया।
निफ्ट मुख्यालय के निर्देशानुसार, भोपाल परिसर पूरे दिन रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। समारोह की शुरुआत परिसर के ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में सहायक प्रोफेसर सुश्री नेहा वर्मा के नेतृत्व में वृक्षारोपण अभियान से हुई, जो संस्थान की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इसके पश्चात औपचारिक कार्यक्रमों का आयोजन परिसर के क्वाड्रैंगल में पारंपरिक सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम में संस्थान के नेतृत्व द्वारा प्रेरणादायक संबोधन प्रस्तुत किए गए। डॉ. देबज्योति गांगुली (परिसर शैक्षणिक समन्वयक) ने निफ्ट की स्थापना से लेकर वर्तमान में फैशन एवं वस्त्र क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले 19 केंद्रों के साथ एक प्रमुख संस्थान बनने तक की यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने भोपाल परिसर द्वारा प्राप्त विशिष्ट उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। निदेशक श्री अखिल सहाय ने 41 वर्षों में निर्मित संस्थान की समृद्ध विरासत पर विचार साझा करते हुए कहा: “जो विरासत हमें प्राप्त हुई है, वह हमारे ऊपर उत्कृष्टता प्रदान करने की जिम्मेदारी भी रखती है।”
परिसर में विभिन्न छात्र-नेतृत्वित गतिविधियों के माध्यम से एक नया रूप देखने को मिला। श्री राहुल शर्मा (सहायक प्राध्यापक) के प्रभार में आयोजित “निफ्ट: तब और अब” शीर्षक से एक क्यूरेटेड फोटो प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें संस्थान के चार दशकों के विकास को दर्शाने वाली समयरेखा निफ्ट मुख्यालय से प्राप्त पार्किंग लाइन के अनुसार पार्किंग क्षेत्र के समीप प्रदर्शित की गई। फैशन के समृद्ध इतिहास पर आधारित फाउंडेशन डे क्विज़, जिसे श्रीमती बैसाखी दलपति (सहायक प्राध्यापक तथा छात्र विकास और गतिविधि समन्वयक) के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, ने विद्यार्थियों की बौद्धिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम को और भी व्यक्तिगत आयाम देते हुए छात्रा ऋद्धि जैन ने अपने विचार साझा किए:
“आज अभिलेखागार को जानना वास्तव में आंखें खोल देने वाला अनुभव था। निफ्ट के इतिहास के बारे में इतनी नई जानकारियाँ प्राप्त कर मुझे इस 41 वर्ष पुरानी विरासत का हिस्सा होने पर और भी गर्व महसूस हो रहा है।”
उत्सव का सिलसिला एसडीएसी द्वारा आयोजित नृत्य-नाट्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ा, जिसका नेतृत्व श्रीमती बैसाखी दलपति एवं मोहम्मद रिज़वान अहमद ने किया। इस प्रस्तुति में निफ्ट और भारत के पारंपरिक कारीगरों के आपसी संबंधों के इतिहास को कलात्मक रूप से दर्शाया गया, साथ ही विरासत और आधुनिक डिज़ाइन के बीच सेतु बनाने में संस्थान की भूमिका को उजागर किया गया।
औपचारिक कार्यक्रम का समापन के मोहम्मद रिज़वान अहमद (सहायक प्राध्यापक तथा छात्र विकास और गतिविधि समन्वयक) द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने इस सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन निदेशक श्री अखिल सहाय एवं वरिष्ठ सहायक निदेशक श्री प्रभाष कुमार झा के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह दिन रचनात्मक प्रतिभाओं के पोषण में निफ्ट की स्थायी विरासत और वैश्विक फैशन उद्योग के भविष्य को आकार देने की उसकी निरंतर प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।



