मध्य प्रदेश

राजभाषा हिंदी जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की संवाहक है : प्रो. आर के दीक्षित

दिलों की भाषा है: प्रो. आर के दीक्षित

एनआईटीटीटीआर भोपाल में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति क्र01 की वर्ष 2024 की प्रथम अर्धवार्षिक बैठक आयोजित की गई जिसमें राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्यों ने भाग लिया। इस बैठक में विगत छःमाह में की गई राजभाषा गतिविधियों पर चर्चा हुई एवं राजभाषा के प्रगामी प्रयोग हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये। निटर भोपाल के निदेशक एवं नराकास के अध्यक्ष प्रो. सी.सी. त्रिपाठी ने इस बैठक हेतु भेजे अपने सन्देश में कहा कि राजभाषा हिंदी में कार्य करना हम सभी के लिए सम्मान एवं गौरव की बात है। इस वर्ष हम सब 14 सितम्बर 2024 को हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किये हुए 75 वर्ष पूर्ण होने पर हीरक जयंती मना रहे है। निटर भोपाल के प्रभारी निदेशक प्रो. आर के दीक्षित ने कहा कि राजभाषा हिंदी जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की संवाहक है। निटर भोपाल राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार की दिशा में सतत प्रयत्नशील है तथा राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के दायित्व का बखूबी निर्वहन कर रहा है। निटर भोपाल के डीन प्रो पी.के पुरोहित ने कहा कि हिंदी एक स्वतंत्र और सक्षम भाषा है और आज आवश्यकता इस बात की है कि हिंदी को अधिक से अधिक प्रौद्योगिकी से जोड़ा जाए। निटर भोपाल वर्ष भर हिंदी कार्यशालाएं /प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है आप सभी से निवेदन है की उसमे अधिक से अधिक प्रतिभागिता सुनिश्चित करें। बैठक में कर्नल आशीष अग्रवाल, श्री प्रशांत पाठरावे, श्री आशीष पोटनीस, प्रो. सविता दीक्षित, श्री भारत भूषण देशमुख, सहित भोपाल के लगभग 52 नराकास के सदस्य कार्यालयों के कार्यालय प्रमुख एवं राजभाषा अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन सचिव श्री संजय त्रिपाठी व श्रीमती शोभा लेखवानी ने किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button