

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी मीडिया नेटवर्क NBC के एक वरिष्ठ पत्रकार के सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पत्रकार कीर सिमंस ने पुतिन से पूछा था कि यदि वह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव को “रिजेक्ट” करते हैं, तो क्या वह इसके लिए खुद को जिम्मेदार मानेंगे। इस सवाल पर नाराज़गी जताते हुए पुतिन ने कहा कि पत्रकार द्वारा इस्तेमाल किया गया शब्द “रिजेक्ट” न सिर्फ अनुचित है, बल्कि तथ्यों के भी खिलाफ है। पुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि रूस ने कभी भी ट्रंप के प्रस्तावों को खारिज नहीं किया।
पुतिन ने याद दिलाया कि अलास्का में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान मॉस्को ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर सहमति जताई थी और उन्हें व्यावहारिक रूप से मंजूरी दी गई थी। ऐसे में यह कहना कि रूस ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया, पूरी तरह निराधार है। रूसी राष्ट्रपति ने पश्चिमी मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि गलत शब्दों और फ्रेमिंग के जरिए अंतरराष्ट्रीय राजनीति को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। पुतिन के अनुसार, शांति प्रक्रिया जैसे संवेदनशील विषयों पर सवाल पूछते समय पत्रकारों को तथ्यों और कूटनीतिक पृष्ठभूमि का ध्यान रखना चाहिए।पुतिन ने दोहराया कि रूस हमेशा संवाद और कूटनीतिक समाधान के पक्ष में रहा है, लेकिन किसी भी प्रस्ताव को वास्तविक परिस्थितियों और राष्ट्रीय हितों के आधार पर देखा जाता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मीडिया द्वारा बनाए गए कथानक से वास्तविक वार्ताओं की दिशा को नहीं आंका जाना चाहिए। इस बयान के बाद रूस-अमेरिका संबंधों और संभावित शांति प्रयासों को लेकर मीडिया की भूमिका और उसकी जिम्मेदारी पर एक नई बहस छिड़ गई है।

