रेल्वे सलाहकार समिति सदस्य निलेश कुमार श्रीवास्तव ने किया हरदा रेल्वे स्टेशन का औचक निरीक्षण
अमृत भारत रेलवे स्टेशन पुनर्विकास योजना के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों का अवलोकन


हरदा l रेल्वे सलाहकार समिति के सदस्य श्री निलेश कुमार श्रीवास्तव ने हरदा रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अमृत भारत रेलवे स्टेशन पुनर्विकास योजना के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की स्टेशन प्रबंधक के साथ गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के पश्चात श्री श्रीवास्तव ने बताया कि हरदा रेलवे स्टेशन पर हो रहे कार्य अमृत भारत योजना के तहत प्रगति पर हैं और रेल मंत्रालय यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए निरंतर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि यह विकास कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मिशन और विजन के अनुरूप देश को विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि वर्तमान में पार्किंग व्यवस्था स्टेशन परिसर से बाहर होने के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस विषय में श्री श्रीवास्तव ने मंडल रेल प्रबंधक (DRM) को पत्र लिखकर उचित समाधान की मांग करने की बात कही।
उन्होंने स्टेशन पर बन रहे नए अंडरपास ब्रिज को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि जब तक नया ब्रिज पूरी तरह संचालित नहीं हो जाता, तब तक पुराने ब्रिज को चालू रखा जाना चाहिए, क्योंकि वर्तमान में कई यात्री प्लेटफॉर्म पार करने के लिए सीधे रेलवे ट्रैक का उपयोग कर रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
श्री श्रीवास्तव ने यह भी अवगत कराया कि नया अंडरपास ब्रिज स्टेशन के अंतिम छोर पर एवं स्टेशन परिसर के बाहर बनाया गया है, जिसके कारण यात्रियों को टिकट लेने के बाद प्लेटफॉर्म नंबर 1 से बाहर जाकर पुनः ब्रिज के माध्यम से प्लेटफॉर्म नंबर 2 तक जाना पड़ता है। उन्होंने इसे यात्रियों की दृष्टि से अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि इस विषय में वे संबंधित अधिकारियों से प्रश्न करेंगे कि पुराने ब्रिज का सुधार क्यों नहीं किया गया और नए ब्रिज की आवश्यकता क्यों पड़ी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि हरदा रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 5,000 यात्री आवागमन करते हैं, जबकि वर्तमान में यात्रियों की सुविधा के लिए केवल एक ही स्टॉल उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अधिक स्टॉल खोले जाने की मांग DRM से की जाएगी, जिसमें “वन स्टेशन, वन उत्पाद” को प्राथमिकता दी जाएगी।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी श्री श्रीवास्तव ने गंभीर रुख अपनाते हुए कहा कि स्टेशन अभी विकास के चरण में है, लेकिन सफाई को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। आने वाले समय में सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
अंत में उन्होंने कहा कि वे समय-समय पर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते रहेंगे और यात्रियों द्वारा उठाई गई सभी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का हरसंभव प्रयास करेंगे, ताकि यात्रियों को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिल सके।



